
नए ट्रायल के नतीजे चौंकाने वाले, कोई साइड इफेक्ट भी नहीं मिले!
पुडुचेरी। दवा लेने का पारंपरिक तरीका आने वाले समय में बदल सकता है। गोली या सिरप की जगह अब दांतों के जरिए दवा सीधे शरीर में पहुंचाने की नई तकनीक सामने आई है। इस पद्धति पर किया गया पहला नियंत्रित मानव परीक्षण सफल रहा है और इसके नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं। इस परीक्षण में पाया गया कि बेहद कम मात्रा में दी गई दवा भी उतनी ही असरदार रही, जितनी सामान्य तौर पर ज्यादा मात्रा में ली जाने वाली दवा होती है।
यह प्रारंभिक परीक्षण पुडुचेरी के एक चिकित्सा संस्थान में किया गया, जहां रूट कैनाल इलाज के लिए आए 20 मरीजों को शामिल किया गया। मरीजों को दो हिस्सों में बांटा गया। एक समूह को 400 मिलीग्राम एंटीबायोटिक (मेट्रोनिडाजोल) सामान्य तरीके से दी गई, जबकि दूसरे समूह को सिर्फ 5 मिलीग्राम दवा दांत के जरिए दी गई।
कैसे काम करती है यह तकनीक
इस नई विधि में दवा को दांत के अंदरूनी हिस्से (पल्प) में पहुंचाया जाता है। वहां से दवा सीधे खून में मिल जाती है, जिससे उसका असर जल्दी और बेहतर तरीके से होता है। जांच के दौरान यह देखा गया कि इस तरीके से दी गई दवा तेजी से शरीर में पहुंची और कम मात्रा के बावजूद प्रभाव मजबूत रहा। ट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि दांत के जरिए दवा लेने वाले मरीजों में दवा की मौजूदगी हर मामले में दर्ज की गई, जबकि गोली लेने वालों में ऐसा हर बार नहीं हुआ। एक महीने तक मरीजों पर नजर रखी गई, लेकिन किसी भी तरह का दुष्प्रभाव सामने नहीं आया।
अभी और अध्ययन जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभी शुरुआती स्तर का छोटा परीक्षण है। इस तकनीक को बड़े स्तर पर और अलग-अलग दवाओं के साथ परखना जरूरी है। फिलहाल इसका उपयोग केवल दांत के इलाज के दौरान ही जांचा गया है। अगर आगे के परीक्षण भी सफल रहते हैं, तो भविष्य में दवा देने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।