राहुल-प्रियंका की हिरासत के विरोध में देशभर में ‘Black Day’, उमंग सिंघार ने बदली प्रोफाइल फोटो।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सांसदों का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 7 अक्टूबर की देर रात, 6 और 7 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में सभी प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को पत्र भेजकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करने के निर्देश दिए थे, आज कांग्रेस ने दिल्ली की घटनाओं को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए देशभर में विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
उमंग सिंघार ने बदली प्रोफाइल फोटो, लोकतंत्र बचाने का संदेश
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस के ‘Black Day’ अभियान के समर्थन में अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो बदल दी है। उनकी नई डीपी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर लगाई गई है। तस्वीर के ऊपर ‘Remember-Reject-Rebuild’ और नीचे ‘Let us unite to defend our democracy’ लिखा गया है। इस बदलाव के जरिए सिंघार ने दिल्ली में हुए घटनाक्रम के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी का यह अभियान केवल नेताओं की हिरासत का विरोध नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर चल रहे व्यापक आंदोलन का हिस्सा है।
भोपाल में शाम 4:30 बजे निकलेगा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च
AICC के निर्देश के बाद भोपाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने 8 अक्टूबर को पैदल मार्च निकालने का फैसला किया है। कांग्रेस के अनुसार यह मार्च शाम 4:30 बजे व्यापम चौराहे से शुरू होगा और बोर्ड ऑफिस चौराहे पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा तक जाएगा। यहां कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे। पार्टी ने दावा किया है कि मार्च में INDIA गठबंधन के घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर के प्रभारी रवि जोशी समेत कई स्थानीय कांग्रेस नेता मौजूद रहेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने की अपील की गई है।
दिल्ली के आंदोलन में हिरासत बना बड़ा मुद्दा
कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सांसद पिछले दो दिनों से दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग की ओर मार्च कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया। 7 अक्टूबर को भी विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। राहुल गांधी समेत कई नेताओं को फिर हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
SIR और मतदाता सूची पर भी कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस का मौजूदा आंदोलन केवल दिल्ली में नेताओं की हिरासत तक सीमित नहीं है। पार्टी लंबे समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग से सवाल पूछ रही है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी की प्रमुख मांगों में SIR से जुड़े सवालों का जवाब देना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है। अब दिल्ली के आंदोलन की गूंज मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। भोपाल में प्रस्तावित मार्च और प्रदेश नेतृत्व की सक्रियता से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को राज्य स्तर पर भी जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।

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