ग्वालियर में जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, शीतला मंदिर हादसे को लेकर उठाए सवाल; सिंधिया और मोहन भागवत पर भी साधा निशाना!
ग्वालियर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधवार को ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने शीतला मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान पटवारी ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्था और हादसे के लिए जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पर भी निशाना साधा।
शीतला मंदिर हादसे पर सरकार से मांगा जवाब
जीतू पटवारी ने शीतला मंदिर हादसे को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जहरीले पदार्थों से जुड़ी घटनाओं के बाद भी सरकार की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। पटवारी ने अपने बयान में कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब से हुई घटनाओं और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पटवारी ने पूछा कि भारी भीड़ के बीच मंदिर परिसर तक ट्रक कैसे पहुंचा? हादसे को रोकने के लिए प्रशासन ने क्या इंतजाम किए थे और घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि केवल संवेदना व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता है।
प्रशासनिक लापरवाही का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।पटवारी ने अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीज को एयरलिफ्ट करना संवेदनशीलता का कदम हो सकता है, लेकिन उसके बाद समय पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
मोहन भागवत के बयान पर भी प्रतिक्रिया
देश में युवाओं के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को लेकर उठ रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने बेरोजगारी, नशे की समस्या, बढ़ते कर्ज और चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों का उल्लेख किया।पटवारी ने सवाल किया कि इन मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय उन पर जवाबदेही तय करना जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जवाबदेही का सवाल
ग्वालियर दौरे के दौरान जीतू पटवारी ने शीतला मंदिर हादसे के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने और आम जनता को राहत देने की मांग की। उनके बयानों ने प्रदेश में हादसों, सरकारी व्यवस्थाओं और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है।

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