भोपाल में UPSC चयनित 61 युवाओं का सम्मान, CM मोहन यादव ने दी जिम्मेदारी निभाने की सीख

राजधानी में सजा प्रेरणा का मंच भोपाल।

सोमवार को यहां ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां मेहनत, संघर्ष और सफलता एक साथ मंच पर नजर आए। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 में चयनित मध्यप्रदेश के 61 अभ्यर्थियों का सम्मान करने के लिए ‘सफलता के मंत्र’ नाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभी सफल युवाओं का अभिनंदन किया और उनसे सीधे संवाद भी किया। कार्यक्रम में यह बात भी सामने आई कि चयनित उम्मीदवारों में 22 ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने शासकीय महाविद्यालयों से पढ़ाई की है।

सफलता के साथ बढ़ती है जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सिविल सेवा में चयन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रारंभ है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने पद का उपयोग लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पद पर बैठने के बाद फैसलों का असर सीधे आम जनता पर पड़ता है, इसलिए संवेदनशीलता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।

लोकतंत्र में हर किसी के लिए अवसर अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत जैसे देश में हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोग भी अपनी मेहनत के दम पर ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, लगन से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

गांव-कस्बों से निकल रही नई प्रतिभाएं कार्यक्रम में यह बात भी उभरकर सामने आई कि इस बार चयनित अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। डिंडोरी जैसे जिलों से भी चयन होना इस बात का संकेत है कि अब प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सरकारी संस्थानों में पढ़े छात्रों की सफलता ने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

संघर्ष से सफलता तक का सफर सम्मान समारोह के दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारी और संघर्ष के अनुभव साझा किए। कई युवाओं ने बताया कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने कार्यकाल में ईमानदारी के साथ-साथ नए विचारों को अपनाएं, ताकि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका का विमोचन इस अवसर पर ‘प्रतिभाओं का परचम’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इसमें चयनित अभ्यर्थियों की जीवन यात्रा, उनकी मेहनत और सफलता की कहानियों को संजोया गया है, ताकि अन्य युवा भी उनसे प्रेरणा ले सकें। प्रदेश के लिए गर्व का क्षण UPSC में 61 युवाओं का चयन मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह सफलता न केवल इन अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए खुशी का कारण है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

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