इंदौर जिले में भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह रोक, भिक्षा देना भी अपराध बना, भिखारियों से सामान खरीदने पर भी कार्रवाई!

इंदौर। जिले की राजस्व सीमा में अब किसी भी तरह की भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत भिक्षा मांगने वाले लोगों को किसी भी रूप में भिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उनसे किसी तरह का सामान खरीदना भी प्रतिबंधित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार इंदौर में भिक्षावृत्ति की रोकथाम और इस सामाजिक समस्या को दूर करने के लिए अभियान पहले से चलाया जा रहा है। नए प्रतिबंधात्मक आदेश से इस अभियान को और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है। आदेश के मुताबिक इंदौर जिले की राजस्व सीमा में कोई भी व्यक्ति भिक्षावृत्ति करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही आम लोगों को भी भिक्षा के रूप में कोई वस्तु, खाद्य सामग्री या अन्य सामान देने से रोक दिया गया है।

भिक्षा देने वाले पर भी कार्रवाई
प्रशासन ने भिक्षावृत्ति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती की है। यदि कोई व्यक्ति भिक्षावृत्ति करने वाले को भिक्षा देता है अथवा उससे कोई सामान खरीदता है, तो उसके खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन के मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह प्रशासन ने भिक्षावृत्ति करने वालों के साथ-साथ उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन देने वालों को भी दायरे में लिया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं कोई व्यक्ति भिक्षावृत्ति करता हुआ दिखाई देता है तो इसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी दिनेश मिश्रा को मोबाइल नंबर 9691494951 पर दी जा सकती है। प्रशासन द्वारा सूचना का सत्यापन कराया जाएगा। यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है तो सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

भिक्षावृत्ति रोकने के लिए दल गठित
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था या आयोजक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। प्रशासन ने भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विभिन्न विभागों के दल भी गठित किए हैं। ये दल जिले में लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहे हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान को व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा, ताकि इस सामाजिक समस्या पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।

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