इंदौर। मशहूर सयाजी होटल में खानपान की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ। कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 20 जुलाई को होटल परिसर में अचानक छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान वहां से खाद्य सामग्री के कुल 10 सैंपल एकत्र करके जांच के लिए भेजे गए थे। 2 सितंबर को आई रिपोर्ट में 8 में से 5 सैंपल पूरी तरह फेल पाए गए।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार, सयाजी होटल से जांच के लिए भेजे गए खाद्य पदार्थों में पनीर, पिस्ता, खोपरा पाउडर और मूंगफली के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस बीच जांच दल को सिर्फ सौंफ, चना और अजवाइन के सैंपल में ही राहत मिली है, जो जांच में पास हुए हैं।
प्रतिबंधित एनालॉग पनीर और सड़ा हुआ सामान बरामद
होटल से फेल हुए सैंपल्स में पनीर के 2 नमूने शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यह साधारण पनीर नहीं बल्कि ‘एनालॉग पनीर’ था, जिसकी बिक्री पर पूरे मध्य प्रदेश में सख्त बैन लगा हुआ है। इसके अलावा खोपरा पाउडर की जांच में स्टार्च की मिलावट पकड़ी गई, जबकि मूंगफली के दानों में फंगस लगी हुई मिली। विभाग की इस मुहिम के दौरान शहर के अन्य संस्थानों पर भी नकेल कसी गई। टुक्कू एंटरप्राइजेस और कृष एंटरप्राइजेस से लिए गए देसी घी के 16 नमूने जांच में फेल घोषित किए गए हैं। साथ ही शहर की कई अन्य डेयरियों से उठाए गए दही और पनीर के सैंपल भी सुरक्षा मानकों में असफल रहे हैं।

गंदगी का आलम और नियमों की उड़ती धज्जियां
अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार के निर्देशन में एफएसएसएआई की वेस्टर्न रीजन शाखा और स्थानीय खाद्य प्रशासन की संयुक्त टीम जब निरीक्षण करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी चौंक गए। किचन और स्टोरेज एरिया का तापमान सही नहीं रखा जा रहा था। शाकाहारी और मांसाहारी सामान को एक ही कोल्ड स्टोरेज में साथ रखा गया था। इसके अलावा सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक जगह ही ठूंसकर रखा गया था।
निरीक्षण के समय लगभग 66 किलोग्राम नॉनवेज ऐसा मिला, जिस पर कोई पैकिंग डेट दर्ज नहीं थी। उबले हुए आलू एक्सपायरी डेट के पाए गए और टेट्रा पैक लीक हो रहे थे। मेन्यू में जिस चीज को आइसक्रीम बताकर परोसा जा रहा था, असल में वह फ्रोजन डेजर्ट था। कई पैक्ड कुल्फी और अन्य सामान बिना बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट के बेचे जा रहे थे।
किचन में मंडरा रहे थे चूहे और कॉकरोच
होटल के ड्राई स्टोरेज और नॉनवेज सेक्शन में लोहे के उपकरणों पर जंग लगी हुई थी। जिस जगह खाना तैयार किया जा रहा था, उस प्लेटफॉर्म पर भी रस्ट जमा था। फर्श और दीवारों में दरारें थीं। स्वच्छता की स्थिति इतनी खराब थी कि किचन में चूहे दौड़ रहे थे और जगह-जगह कॉकरोच व चूहों की लीद पड़ी हुई थी। खाना पकाने के बाद बचे हुए जले तेल को सीधे नाले में बहाया जा रहा था।
बिना परमिशन चल रही थी बेकरी और नॉनवेज सर्विस
जांच में होटल के लाइसेंस को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सयाजी होटल के आधिकारिक लाइसेंस में नॉनवेज परोसने की अनुमति का कोई जिक्र नहीं था, फिर भी भारी मात्रा में नॉनवेज पकाया और बेचा जा रहा था। इसके अलावा लाइसेंस में बेकरी और स्वीट्स निर्माण का अधिकार न होने के बाद भी होटल के अंदर इन-हाउस बेकरी और मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। फाइव स्टार श्रेणी के इस होटल के सेंट्रल लाइसेंस की भी गहनता से जांच की जा रही है। गड़बड़ियों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल होटल के किचन को सील कर दिया है।