अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की है। इसके लिए भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगाई गई है। मिश्र इसी साल मई में पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की व्यवस्था में यह महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
ट्रस्ट के कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन ने बुधवार को बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में नियुक्ति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के लिए गठित समिति ने 1 अगस्त 2026 को ट्रस्ट के सामने 3 नाम रखे थे। इनमें सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र, सेवानिवृत्त मेजर जनरल संजय पी. विश्वासराव और श्रुति भारद्वाज शामिल थीं। ट्रस्ट की बैठक में तीनों नामों पर विचार के बाद जीतेंद्र मिश्र का चयन किया गया।
जीतेंद्र मिश्र मूल रूप से देवरिया जिले के रहने वाले हैं और मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके लंबे सैन्य अनुभव को देखते हुए ट्रस्ट ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। बीते साल पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले के बाद मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के दौरान मिश्र पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे।
ट्रस्ट में हुए कई अहम बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट में पदों को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था। चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री बनाया गया था। अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया है। ट्रस्ट के बोर्ड में 3 नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडे, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।
38 साल से ज्यादा का सैन्य अनुभव
जीतेंद्र मिश्र 6 दिसंबर 1986 को लड़ाकू विमान के पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे। उन्होंने पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बेंगलुरु के वायुसेना परीक्षण पायलट विद्यालय, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से प्रशिक्षण लिया है। वह लड़ाकू अभियान के प्रमुख पायलट और प्रायोगिक परीक्षण पायलट रहे हैं। उन्हें 3,000 घंटे से अधिक विमान उड़ाने का अनुभव है। 38 साल से अधिक लंबे सैन्य जीवन में उन्होंने वायुसेना में कई महत्वपूर्ण कमान और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं।
पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रहे
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र ने 1 जनवरी 2025 को पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख का पद संभाला था। मई 2026 में सेवानिवृत्ति से पहले वह इस महत्वपूर्ण पद पर रहे। सैन्य सेवा के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उनकी भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
राम मंदिर ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब मंदिर की व्यवस्थाओं, चढ़ावे और प्रशासनिक कामकाज को लेकर ट्रस्ट पर जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सैन्य प्रशासन का लंबा अनुभव रखने वाले जीतेंद्र मिश्र को यह दायित्व सौंपना ट्रस्ट की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।