भोपाल। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की आपदा के बीच मध्य प्रदेश के लिए एक तरफ जहां राहत भरी खबर आई है, वहीं दूसरी तरफ कई परिवारों की सांसें अब भी अटकी हुई हैं। अनूपपुर की दो बहनें पोखरा में सुरक्षित मिल गई हैं, जबकि राज्य के 5 अन्य नागरिक अब भी लापता हैं। संकट में फंसे अपने परिजनों की सलामती जानने के लिए उनके परिवार वाले दिन-रात कॉल मिला रहे हैं और नेपाल से लेकर दिल्ली तक गुहार लगा रहे हैं।
पोखरा में सुरक्षित मिलीं पलक और पल्लवी
अनूपपुर जिले की रहने वाली पलक और पल्लवी मांझी, जो ग्वालियर में रहकर पढ़ाई व नौकरी करती हैं, छुट्टी बिताने नेपाल गई थीं। आपदा के कारण पिछले 2 दिनों से उनका कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। कोटमा थाना प्रभारी रत्नाम्बर शुक्ला के मुताबिक शुक्रवार को परिजनों को जानकारी मिली कि दोनों बहनें पोखरा में पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके बाद पिता की अपनी बेटियों से फोन पर बात भी हुई, जिससे मांझी परिवार ने राहत की सांस ली। उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों बहनें जल्द अपने घर वापस आ जाएंगी।
विदेश से पहुंची स्वाति का 4 दिन से पता नहीं
एक तरफ अनूपपुर में खुशी का माहौल है, तो वहीं विदिशा के बागरेचा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कनाडा के टोरेंटो में रहने वाली 50 वर्षीय इंजीनियर स्वाति बागरेचा 4 दिनों से गायब हैं। वह 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों के दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर दिल्ली से रवाना हुई थीं। स्वाति के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि 26 अगस्त को सुबह 9 बजे नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर इमिग्रेशन के समय उनसे आखिरी बात हुई थी।
इसके बाद से उनका फोन लगातार बज रहा है, लेकिन कोई उठा नहीं रहा। स्वाति का सिम कार्ड टोरंटो का होने की वजह से सटीक लोकेशन ट्रैक करने में दिक्कत आ रही है, हालांकि लोकेशन लॉग में उनका फोन चीन सीमा के पास एक्टिव दिख रहा है। स्वाति की 14 साल की बेटी अनुष्का इस समय मुंबई में अपनी बड़ी बहन के पास ठहरी है। बागरेचा परिवार ने नेपाल में भारतीय और कनाडाई एम्बेसी से संपर्क साधा है। स्थानीय विधायक मुकेश टंडन की पहल पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी परिजनों से बात की है और रेस्क्यू के प्रयास तेज कर दिए हैं।
रायसेन, देवास और इंदौर के 4 नागरिक भी लापता
इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों के 4 लोग भी बाढ़ के बाद से संपर्क से बाहर हैं। रायसेन जिले के दो सगे भाई विकास और हिमांशु राजपूत, जो हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करते हैं, उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं देवास निवासी शाहजहां अंसारी और इंदौर के शिबा प्रसाद मुखर्जी के रिश्तेदार भी परेशान हैं। इन परिवारों ने नेपाल में फंसे लोगों की मदद के लिए बनाए गए दिल्ली कंट्रोल रूम में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से बिगड़े हालात
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी का वाटर लेवल अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। यह पानी आगे चलकर त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में फैल गया, जिससे निचले इलाकों में भारी तबाही हुई। अपनों की तलाश में जुटे परिजनों के लिए मोबाइल की हर बजती बेल उम्मीद की एक किरण लाती है, लेकिन कॉल न उठने पर उनका डर और बढ़ जाता है। फिलहाल सभी परिवार अपने लोगों के सही-सलामत लौटने का इंतजार कर रहे हैं।