इंदौर में सयाजी होटल की साख को बड़ा झटका, खाद्य विभाग ने किचन सील किया, लाइसेंस निलंबित!

​इंदौर। शहर का जाना-माना सयाजी होटल, जिसे शहर में लग्जरी और बेहतरीन मेहमाननवाजी की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है, इस समय गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के कारण बड़े संकट में घिर गया। दिल्ली और इंदौर के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसएसएआई) की संयुक्त टीम ने देर रात सयाजी होटल परिसर में लगभग 5 घंटे तक सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान साफ-सफाई, स्वच्छता और नियमों की अनदेखी की ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
निरीक्षण के बाद शुक्रवार को खाद्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल के दो प्रमुख किचन और एक बेकरी को पूरी तरह सील कर दिया। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने होटल के रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इंदौर के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतने बड़े स्तर के किसी प्रतिष्ठित होटल का किचन इस तरह सील किया गया है।

एफएसएसएआई केंद्रीय प्रमाण पत्र नहीं
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि खुद को 5 स्टार बताने वाले इस होटल के पास अपनी इस श्रेणी का वैध एफएसएसएआई केंद्रीय प्रमाण पत्र ही उपलब्ध नहीं था, जिसे प्रबंधन मांगने पर भी पेश नहीं कर सका। किचन के अंदर का नजारा बेहद चिंताजनक था, जहां चूहे और कॉकरोच की लीद, सड़े हुए आलू और बैकडेट का चिकन पाउडर बरामद हुआ। सबसे गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि एक ही किचन में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन साथ में तैयार किया जा रहा था, जिससे वेज खाने में नॉनवेज का असर मिलने का सीधा खतरा था।

बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई खामियां मिली
इसके अलावा खाद्य पदार्थों के भंडारण, तापमान नियंत्रण, लेबलिंग, पेस्ट कंट्रोल और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। टीम ने संदिग्ध खाद्य सामग्री के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे का कानूनी रुख तय किया जाएगा। लाइसेंस निलंबन के बाद अब सयाजी होटल अपने किचन में खाना तैयार नहीं कर सकेगा, हालांकि वे ग्राहकों के लिए बाहर से भोजन मंगाकर परोस सकते हैं। होटल को काम दोबारा शुरू करने के लिए सभी कमियों को दूर कर केंद्रीय प्रमाण पत्र हासिल करना अनिवार्य होगा।

​सिग्नेचर बुटिक होटल पर भी गाज, 7 दिन का नोटिस
​सयाजी होटल में कार्रवाई के तुरंत बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के अमले ने इंदौर के सिग्नेचर बुटिक होटल पर भी औचक छापा मारा। यहां के किचन में भी खाद्य सुरक्षा के स्थापित मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को किचन की फर्श टूटी हुई मिली, जिससे बैक्टीरिया फैलने और संक्रमण का बड़ा खतरा बना हुआ था। इसके अतिरिक्त रखे हुए खाद्य पदार्थों पर निर्माण अथवा एक्सपायरी की कोई तारीख अंकित नहीं थी, और न ही प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल का कोई वैध प्रमाण पत्र दिखा पाया।

कर्मचारियों की स्वच्छता और सुरक्षा नहीं
​सिग्नेचर बुटिक होटल में काम करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा था। खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों के पास मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट तक नहीं थे, और वे बिना हेड कैप या एप्रन पहने ही काम कर रहे थे। जांच टीम ने मौके से सोयाबीन तेल, पनीर और मैदा के सैंपल जब्त कर लैब में जांच के लिए भेजे हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों के इस भारी उल्लंघन पर विभाग ने होटल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

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