भोपाल। कटनी में पुलिस अधिकारी पर जमीन के कथित सौदे को लेकर गंभीर आरोप सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाकर हत्या के आरोपी के परिवार से करीब 82.86 लाख रुपये की गाइडलाइन कीमत वाली जमीन महज 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराई गई। इस मामले में सीएसपी नेहा पच्चीसिया समेत 3 लोगों के खिलाफ कुठला थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कटनी में सामने आए इस मामले को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव बनाने या पद का दुरुपयोग करने की शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सीएसपी समेत तीन पर मामला दर्ज
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर हुई कार्रवाई के बाद कुठला थाने में सीएसपी नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पूरा विवाद कटनी के कन्हवारा क्षेत्र की जमीन से जुड़े कथित लेन-देन को लेकर है। शिकायत और जांच में आरोप लगाया गया है कि हत्या के मामले में आरोपी व्यक्ति के परिवार पर पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाया गया और इसी दबाव के बीच जमीन का सौदा कराया गया।
महंगी जमीन को सस्ते में खरीदने का आरोप
जांच रिपोर्ट में जमीन की गाइडलाइन कीमत 82.86 लाख रुपये बताई गई है, जबकि उसकी रजिस्ट्री केवल 18.20 लाख रुपये में किए जाने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक जमीन की खरीद के लिए 15 लाख रुपये की राशि क्षितिज राज बारापत्रे के खातों से उपलब्ध कराई गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाकर रमेश लोधी से जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद जमीन का नामांतरण भी करा दिया गया।
थाना प्रभारी की भूमिका भी सवालों के घेरे
इस मामले में तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उनके खिलाफ भी जमीन के कथित सौदे में सहयोग और पुलिस दबाव से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। हालांकि, दर्ज मामले में आरोपों की वास्तविकता और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 198, 199(ब), 308(7) और 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
मामले की जांच जारी है और सामने आए आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सीएसपी नेहा पच्चीसिया के निलंबन की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने संकेत दिया है कि जांच में यदि पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और अन्य दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।