नई दिल्ली। अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट की जेन जेड को लेकर की गई टिप्पणी पर योग गुरु बाबा रामदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंगना द्वारा युवा पीढ़ी को ‘जनरेशन गटर’ कहे जाने पर रामदेव ने इसे खराब मानसिकता और बिगड़े दिमाग की निशानी बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को इस तरह संबोधित करना गलत है और पार्टी के लोगों को भी इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने उनके व्यक्तिगत जीवन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं?” रामदेव ने कहा कि वह ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहते, लेकिन किसी भी देश के जवान और जेन जेड को ‘गटर-पटर’ कहना गलत है।
पार्टी के लोग कंगना को गंभीरता से ले
उन्होंने कहा कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। रामदेव ने यह भी कहा कि कंगना की पार्टी के लोगों को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। जब बाबा रामदेव से पूछा गया कि कंगना उनकी और उनके योग की प्रशंसक रही हैं, तो उन्होंने कहा कि यदि कोई उनकी या योग की प्रशंसा करता है, तो क्या वह उसके गुनाहों पर लीपापोती कर दें? उन्होंने साफ कहा कि किसी की प्रशंसा करने से उसके गलत बयानों को सही नहीं माना जा सकता।
युवा की कोई जाति नहीं
बाबा रामदेव ने युवा वर्ग को लेकर कहा कि युवा की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, दलित, आदिवासी और वनवासी सहित सभी वर्गों के बच्चे शामिल हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के युवाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि आज का युवा अपने आप में बहुत बड़ी ताकत है और उसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।
स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही
कंगना ने अपने बयान में कहा था कि वास्तव में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, अपनी राय खुलकर रखती हैं, परंपराओं से अलग करियर चुनती हैं और अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं। उन्होंने कहा था कि ऐसी महिलाएं अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर अपना जीवन नहीं जीतीं। इसी संदर्भ में कंगना ने पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी को ‘जनरेशन गटर’ कहा था। उनके इसी बयान पर अब बाबा रामदेव की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों के बयानों के बाद युवा पीढ़ी और महिलाओं को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।