तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा को देर रात सर्किट हाउस छोड़ने का निर्देश, लोकसभा अध्यक्ष से दखल देने की अपील!

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की जनप्रतिनिधि महुआ मोइत्रा के लिए नदिया जिले में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कृष्णनगर में मौजूद सरकारी सर्किट हाउस से आधी रात को कमरा खाली करने का फरमान मिलने के बाद उन्होंने इसे अपनी सुरक्षा और गरिमा पर हमला बताया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर उन्होंने लोकसभा के सर्वोच्च अधिकारी ओम बिरला को पत्र भेजकर तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया है।
संसदीय कार्यवाही समाप्त होने के उपरांत महुआ मोइत्रा अपने क्षेत्र में पहुंची थीं। वह शाम 6:15 बजे के आसपास विश्राम गृह में ठहरीं। नियमानुसार उन्हें कक्ष उपलब्ध कराया गया, और वहां भोजन की व्यवस्था भी हुई। लेकिन रात 9:47 बजे प्रशासनिक तंत्र के एक वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें परिसर तुरंत छोड़ने की बात कही गई। जब उन्होंने इस अचानक निर्णय का कारण पूछा, तो उन्हें केवल इतना उत्तर मिला कि यह निर्देश उच्च स्तर से प्राप्त हुआ है।

मरम्मत और स्वच्छता कार्य के कारण भवन बंद
इसके बाद रात 10:52 बजे डिजिटल संदेश के माध्यम से एक लिखित सूचना भेजी गई। इस दस्तावेज़ में दावा किया गया था कि 14 अगस्त की शाम से मरम्मत और स्वच्छता कार्य के कारण भवन को बंद किया जा रहा है। हालांकि, इसमें यह भी उल्लेख था कि 13 अगस्त तक तय हुई बुकिंग पर यह नियम प्रभावी नहीं होगा। सांसद का कहना है कि कक्ष लेते समय उन्हें ऐसी किसी पाबंदी की जानकारी नहीं दी गई थी।
रात लगभग 11 बजे परिसर के बाहर कई लोग एकत्र हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। तृणमूल प्रतिनिधि का आरोप है कि संकट के समय सुरक्षा देने के बजाय स्थानीय अधिकारियों ने उन पर ही वहां से चले जाने का दबाव बनाया। उन्होंने इस बर्ताव को उत्पीड़न की श्रेणी में रखा है।

संसद में विशेषाधिकार हनन की प्रक्रिया के संकेत
मामले की गंभीरता को देखते हुए महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का द्वार खटखटाने और संसद में विशेषाधिकार हनन की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। तृणमूल के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी ने इसे विरोधी खेमे की घबराहट बताया है, वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध जताया है। उधर, जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस विषय पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

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