इंदौर। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग कोर्ट से लौटने के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने एक नया आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरेंडर से पहले सोनम रघुवंशी जिस गेस्ट हाउस में ठहरी थी, वहां उसका पूरा परिवार भी 4 से 5 दिनों तक साथ में रुका था। विपिन का कहना है कि यह कमरा किसी अन्य व्यक्ति के आईडी पर लिया गया था। इसलिए शिलांग पुलिस को गेस्ट हाउस के रजिस्टर और आईडी प्रूफ की जांच करनी चाहिए। दूसरी तरफ सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उस समय उनके माता-पिता इंदौर में थे और वे खुद काम के सिलसिले में बेंगलुरु में थे।
अदालत ने नोटिस जारी कर विपिन को बरामद गहनों की पहचान के लिए बुलाया था। विपिन का कहना था कि कोर्ट में उन्हें विभिन्न आभूषण दिखाकर अपने परिवार के सामान की पहचान करने को कहा गया। बरामद गहनों में हत्याकांड के एक आरोपी राज कुशवाह के नाम से खरीदा गया एक मंगलसूत्र और सोने की चेन भी मिली। विपिन ने सवाल उठाया कि 15 से 20 हजार रुपए महीने कमाने वाला राज कुशवाह 5 से 6 लाख रुपए की ज्वेलरी कैसे खरीद सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सोनम और राज ने पहले ही शादी कर ली थी और इसके लिए रकम भी सोनम ने दी थी, क्योंकि खरीद की तारीख राजा और सोनम के विवाह से पहले की है।
सुनवाई के दौरान विपिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल चौहान को देखा और सभी के लिए सख्त सजा की मांग की। कोर्ट से बाहर आकर उन्होंने वकील से सोनम के सरेंडर की तारीख की जानकारी ली। विपिन ने मांग उठाई है कि अगर सोनम जमानत के बाद सही तरीके से रुकी थी, तो फर्जी नाम से कमरा क्यों लिया गया। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।