इंदौर। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री (पारेषण एवं वित्त) शिवराम सेमिल के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई ने कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला उजागर किया। मंगलवार सुबह लोकायुक्त की कई टीमें एक साथ इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना के 9 ठिकानों पर पहुंचीं। जैसे-जैसे तलाशी आगे बढ़ी, वैसे-वैसे करोड़ों रुपये की संपत्तियों, फैक्ट्रियों और निवेश का खुलासा होता गया।
लोकायुक्त टीम ने मंगलवार सुबह 5.30 बजे 9 ठिकानों पर छापे मारे। शुरुआती जांच में वैध आय से करीब 258% अधिक संपत्ति मिली है। वहीं घर से 4 किलो चांदी, 300 ग्राम गोल्ड और 3 लाख कैश मिला है। शिवराम सेमिल इन दिनों इंदौर स्थित पोलोग्राउंड कार्यालय में पदस्थ हैं। यह कार्रवाई लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। इंदौर, धार (पीथमपुर, बगदून) और मुरैना समेत 9 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। मिली शिकायत के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 33 वर्षों की सेवा के दौरान आरोपी ने अपनी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। सिलिकॉन सिटी स्थित करीब 1.20 करोड़ रुपये के तीन मंजिला आलीशान मकान से लेकर पीथमपुर और धार के औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर निर्माण की कई फैक्ट्रियां, व्यावसायिक कार्यालय, भूखंड और अन्य निवेश जांच के दायरे में आए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पुत्र, पुत्रवधू, दामाद और अन्य परिजनों के नाम से शुभम इलेक्ट्रिकल, कर्निश पावर जोन, एसएस इलेक्ट्रिकल्स, कृष्णा पावर और ए-वन इलेक्ट्रिकल जैसी फर्मों का संचालन किया जा रहा है। कई स्थानों पर नई फैक्ट्रियों का निर्माण भी जारी मिला। लोकायुक्त टीम इन निवेशों के स्रोत और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार आरोपी को पूरे सेवाकाल में लगभग 2 करोड़ रुपये का शुद्ध वेतन प्राप्त हुआ, जबकि अब तक 7.16 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय सामने आया है। यह वैध आय की तुलना में 258 प्रतिशत अधिक बताया गया है। इस आधार पर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लोकायुक्त की कार्रवाई
महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश, डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन और एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। इंदौर, धार और मुरैना में अलग-अलग टीमें दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और संपत्तियों की जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी पूरी होने के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य और बढ़ सकता है। सर्च में 4 किलो चांदी, 300 ग्राम सोना, करीब 3 लाख रुपये नकद, इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में 9 ठिकानों पर एक साथ छापे। कई फैक्ट्रियां, कार्यालय, भूखंड और आलीशान मकान जांच के दायरे में।