अयोध्या। प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि दान के पैसे और जेवर चुराने वाले कई आरोपियों को किसी न किसी की सिफारिश पर नोट गिनने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि काम खत्म होने के बाद इन कर्मचारियों की सामान्य तलाशी भी नहीं ली जाती थी, जिसका फायदा उठाकर वे लंबे समय तक मंदिर की संपत्ति पर हाथ साफ करते रहे।
सिफारिश के दम पर मिली थी नोट गिनने की जिम्मेदारी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल में सुरक्षा और प्रबंधन की भारी लापरवाही सामने आई है। पकड़े गए आरोपियों में से कई लोग रसूखदारों की सिफारिश के जरिए नोट गिनने वाले हॉल तक पहुंचे थे। जांच में पता चला है कि ड्यूटी पूरी होने के बाद जब ये लोग बाहर निकलते थे, तो इनकी चेकिंग नहीं की जाती थी। इसी ढिलाई का फायदा उठाकर आरोपी दान में मिले कैश और जेवर को आसानी से अपनी जेबों में भरकर बाहर ले जाते थे।
सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल, 8 आरोपी कोर्ट में पेश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत के सामने पेश किया। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि शुरुआती तफ्तीश में ही सभी आरोपियों के खिलाफ चोरी के पुख्ता सबूत मिल चुके हैं। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपी साफ तौर पर चढ़ावे की रकम और कीमती आभूषणों की चोरी करते हुए कैद हुए हैं।
लाखों की नकदी, जेवर बरामद, एक पर साजिश का शक
इस मामले में पुलिस को अब तक बड़ी कामयाबी मिली है। पकड़े गए 7 आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 79.84 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम बरामद कर ली है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी टिन्नू यादव के पास कैश काउंटर, दान पात्र और नोट गिनने वाले हॉल की चाबियां रहती थीं। वहीं एक अन्य आरोपी अनुकल्प मिश्र वाउचर बनाने की प्रक्रिया में हेरफेर करता था, जिसने अपने साले लवकुश मिश्र के साथ मिलकर बड़ी धोखाधड़ी की। पुलिस ने लवकुश के ठिकाने से ही लगभग 10 लाख रुपये बरामद किए हैं।
इस मामले के आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव शामिल हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि 8वें आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से सीधे तौर पर कोई बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन वह इस पूरी साजिश का एक मुख्य हिस्सा है। फिलहाल पुलिस चांदी के हार, ईंटें और चरण पादुकाएं जैसी गायब हुई दूसरी कीमती चीजों का पता लगाने में जुटी है।