कोलकाता। इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर इस बार कोलकाता में पहली बार रेड रोड में नमाज पढ़ी जाने वाली है। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रेड रोड पर 7 दिनों तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। सुवेंदु अधिकारी के इस फैसले को अब कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।
रेड रोड पर 7 दिनों तक वाहनों की आवाजाही रोकने के सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। एडवोकेट शमीम अहमद ने जस्टिस सौगत भट्टाचार्य (कोर्ट-5) के सामने रेड रोड 7 दिनों तक बंद कराने का मामला उठाया है।
ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन की याचिका
यह याचिका ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से दायर की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने याचिका पर सुनवाई की अनुमति दे दी है। इस मामले में कल (गुरुवार) हाई कोर्ट विस्तृत सुनवाई करेगा। दरअसल, पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार ने 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता के रेड रोड पर 7 दिनों तक वाहनों की आवाजाही बंद करने के आदेश दिए है। इस आदेश के खिलाफ ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
आवाजाही रोकने वाला आदेश अनुचित
इस याचिका में कहा गया है कि 7 दिनों तक वाहनों की आवाजाही रोकने वाले आदेश अनुचित है। उनका मानना है कि लगातार सात दिनों के लिए रास्ता बंद रखना सही नहीं है। मुख्य आयोजन के दिन यानी 21 जून 2026 को सुबह 2 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक गुरु नानक सरनी (मेयो रोड) पर सभी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। इस दौरान सिर्फ विशेष स्टिकर वाली गाड़ियों को ही आने-जाने की अनुमति होगी।
इन सड़कों पर बंद रहेगी आवाजाही
रेड रोड के साथ-साथ लेनिन सरनी, बोस रोड, सेंट जॉर्ज गेट रोड और जेएल नेहरू रोड पर सभी प्रकार के भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी लागू रहेगी। इसके अलावा सुबह से ही हॉस्पिटल रोड, लवर्स लेन, कैसुरीना एवेन्यू, किंग्सवे, क्वींस वे, डफरिन रोड, आउटराम रोड और एस्प्लेनेड रैंप जैसे दर्जनों रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।