भुवनेश्वर। ओडिशा के प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। इंदौर की मूल निवासी और वर्ष 2022 समूह की भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी अनन्या अवस्थी ने राज्यपाल हरी बाबू कंभमपति के एड-डी-कैंप (एडीसी) के रूप में अपना पद ग्रहण कर लिया है। इस गौरवशाली पद पर आसीन होने वाली वह ओडिशा की पहली महिला पुलिस अधिकारी हैं। अनन्या अवस्थी सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आशुतोष अवस्थी की सुपुत्री हैं और उन्होंने भोपाल के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की है।
राजभवन और लोक भवन में आयोजित एक गरिमामयी और औपचारिक समारोह के दौरान राज्यपाल हरी बाबू कंभमपति ने अनन्या अवस्थी को इस अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उनका आत्मीय स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर राज्यपाल सचिवालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे थे।
सहायक पुलिस आयुक्त पद पर भी कार्य किया
इस नई और प्रतिष्ठित भूमिका से पहले अनन्या कटक नगरीय पुलिस जिला में सहायक पुलिस आयुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। राजभवन में उन्होंने वर्ष 2021 समूह के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी कुलदीप मीणा का स्थान लिया है, जो अब तक राज्यपाल के पुलिस एडीसी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। लोक भवन के अधिकारियों के अनुसार, इस पद पर अनन्या की नियुक्ति सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी भागीदारी को लेकर एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
दो एडीसी में से एक अनन्या
नियमों के अनुसार राज्यपाल की सहायता और सुरक्षा के लिए दो एडीसी नियुक्त किए जाते हैं, जिनमें से एक भारतीय नौसेना से और दूसरा ओडिशा पुलिस से होता है। अनन्या अवस्थी जहां पुलिस एडीसी के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी, वहीं लेफ्टिनेंट हर्षित देव नौसेना एडीसी के रूप में अपनी सेवाएं पहले की तरह ही देते रहेंगे। एडीसी का मुख्य कार्य राज्यपाल को सभी आधिकारिक कार्यक्रमों, गरिमामयी समारोहों और अन्य महत्वपूर्ण प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में पूर्ण सहयोग और सहायता प्रदान करना होता है।
राज्य की पहली महिला एडीसी
अपनी इस ऐतिहासिक नियुक्ति के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए अनन्या अवस्थी ने कहा कि वह राज्यपाल और ओडिशा सरकार के प्रति अत्यंत आभार प्रकट करती हैं, जिन्होंने उन्हें राज्य की पहली महिला एडीसी के रूप में काम करने का यह अनमोल अवसर प्रदान किया। उन्होंने इसे सेवा का एक बड़ा मंच बताते हुए कहा कि कार्यक्षेत्र के लिहाज से यह जिम्मेदारी का एक बहुत बड़ा पद है, जो उनके भविष्य के लिए काफी अच्छा अनुभव साबित होगा।
इसे जीवन की अद्भुत सफलता बताया
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे आदरणीय व्यक्तित्व की सेवा करना उनके लिए गर्व और बहुत बड़ी जवाबदेही की बात है। व्यक्तिगत तौर पर भी यह उनके जीवन की एक अद्भुत सफलता है क्योंकि वह राज्यपाल की पहली महिला एडीसी बनी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी यह नई भूमिका समाज की बहुत सी महिलाओं और छोटी बच्चियों को सरकारी सेवा के क्षेत्र में आगे आने और बिना किसी संकोच या डर के अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।