

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही सियासी माहौल गरमा गया है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही विपक्ष ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने जहां उनके शपथ ग्रहण को लेकर सवाल उठाए, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुभकामनाओं के साथ तीखा व्यंग्य भी किया।
मुख्यमंत्री के गलत शपथ पड़ने पर सवाल उठाए
राजद ने सोशल मीडिया मंच X पर शपथ ग्रहण का एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि नए मुख्यमंत्री शपथ ठीक से पढ़ नहीं पाए। पार्टी ने इस बहाने उन पर तंज कसते हुए लिखा कि जो लोग अब तक दूसरों पर परिवारवाद, शिक्षा और अपराध को लेकर आरोप लगाते रहे, उन्हें अब ये सभी बातें एक ही जगह दिखाई दे रही हैं।
इस पोस्ट के जरिए राजद ने परोक्ष रूप से भाजपा पर भी कटाक्ष किया। पार्टी ने बिहार के तथाकथित प्रगतिशील और शिक्षित वर्ग से सवाल करते हुए कहा कि जो लोग पहले दूसरों का मजाक उड़ाते थे, आज वे इस स्थिति पर क्या कहेंगे। इस टिप्पणी को भाजपा नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है।
बधाई के साथ तंज
तेजस्वी यादव ने भी बयान जारी कर सम्राट चौधरी को बधाई दी, लेकिन साथ ही राजनीतिक संदेश देने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि निर्वाचित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से हटाने की प्रतिज्ञा पूरी करने पर बधाई और सम्राट चौधरी को नए पद के लिए शुभकामनाएं।
तेजस्वी ने अपने बयान में राज्य की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि दो दशक से अधिक समय से एनडीए के शासन के बावजूद बिहार कई महत्वपूर्ण पैमानों पर राष्ट्रीय औसत से पीछे है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, रोजगार, निवेश, गरीबी और पलायन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और नए मुख्यमंत्री को इन चुनौतियों से निपटने की जरूरत बताई।
उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार से उम्मीद है कि वह बिहार के विकास, शांति और समृद्धि के लिए काम करेगी और बाहरी दबावों के आगे राज्य के स्वाभिमान से समझौता नहीं करेगी। इस बयान को सत्ता पक्ष के लिए एक राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
नई सरकार के गठन के साथ ही जिस तरह से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ है, उससे साफ है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में टकराव और तेज होने वाला है।