बजट और विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर बुलाई बैठक में मुख्य सचिव के निर्देश
भोपाल। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अफसरों से कहा है कि वे अपने विभाग के बचे हुए बजट की राशि को वीकली प्लान बनाकर खर्च करें। अधिकारी उपलब्ध बजट का आकलन करने के बाद यह प्लान तैयार करें और पूरे बजट का उपयोग समय सीमा में करें।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अधिकारी माह में कम से कम एक बार केंद्र में उनके विभाग से संबंधित ज्वाइंट सेक्रेटरी बात अवश्य करें।

भारत सरकार से संबंधित ऐसी लंबित परियोजनाओं और योजनाओं को उनके संज्ञान में लाएं जिनमें समन्वय की आवश्यकता है। मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागाध्यक्ष से कहा कि वे उनके विभागों के निगम, मंडल और बोर्ड की समीक्षा करने के साथ ही वित्त आयोग की अनुशंसाओं की समीक्षा भी करें। ये बातें उन्होंने मंत्रालय में बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियों, वर्तमान वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों की पूर्ति, सुशासन सहित कैबिनेट के निर्णयों पर अमल की समीक्षा के दौरान कहीं।
पूंजीगत खर्चों का अहम योगदान
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने विभाग अध्यक्षों सहित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव से अपेक्षा की है कि वे केंद्रीय बजट के प्रावधानों के अनुरूप परियोजनाएं और योजनाएं तैयार कर भारत सरकार को भेजें। इससे मध्यप्रदेश के प्राथमिकता क्षेत्र को अत्यधिक लाभ मिल सके। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि आर्थिक ग्रोथ में पूंजीगत खर्चों का अहम योगदान होता है। अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने बताया कि अन्य वर्षों की तुलना में इस वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्चों में वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति बेहतर है।
जिन विभागों में राशि बची, वे प्लान करें
मुख्य सचिव जैन ने ऐसे विभाग जिनमें अभी भी राशि उपलब्ध है, उनसे कहा है कि इस वित्त वर्ष की शेष अवधि के लिए साप्ताहिक प्लान बनाकर वास्तविक खर्च करें। मुख्य सचिव जैन ने निर्देशित किया कि हाल में आए केंद्र सरकार के बजट के प्रावधानों के अनुरूप मध्यप्रदेश में सिटी इकोनॉमिक रीजन, डेडिकेटेड केमिकल और पेट्रोकेमिकल पार्क और मेगा टेक्सटाइल पार्क सहित अन्य परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिशा निर्देशों को भी इसमें शामिल कर जल्दी से जल्दी प्रस्ताव भेजे जाएं।
बजट सत्र की तैयारियों की समीक्षा
मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियों की समीक्षा कर निर्देश दिए कि पिछले सत्रों के शून्यकाल सूचनाओं सहित अपूर्ण उत्तर वाले प्रश्न, आश्वासन और लोक लेखा समिति की अनुशंसाओं के लंबित मामले जल्दी पूरे करें। उन्होंने विभागीय परामर्शदात्री समितियों की बैठक करने के साथ ही विधानसभा को विभागीय प्रशासकीय प्रतिवेदन उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।
मुख्य सचिव जैन ने बताया कि नॉलेज और एजुकेशन सिटी, मेडिकल हब, नाइपर, फार्मास्युटिकल रिसर्च सेंटर, स्कूल और कॉलेजों के लैब, सी मार्ट, हॉस्टल, स्किल डेवलपमेंट, पशुपालन और एमएसएमई ग्रोथ फंड जैसे अनेक क्षेत्रों में केंद्र सरकार ने बजट में प्रावधान किए हैं।