इंदौर। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीईबी) एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला उन पुराने चालानी प्रकरणों से जुड़ा है, जिनका निराकरण वर्षों पहले हो चुका है, लेकिन अब उन्हीं मामलों में बकाया वसूली के संदेश भेजे जाने से उपभोक्ता परेशान हैं।
जानकारी के अनुसार गोयल नगर झोन द्वारा हाल ही में अनेक बिजली उपभोक्ताओं के मोबाइल पर संदेश भेजे गए हैं। संदेश में कहा गया है कि उनके विरुद्ध की गई चालानी कार्रवाई के संबंध में वे 16 सितंबर 2026 से पहले संबंधित झोन कार्यालय में उपस्थित होकर बकाया राशि जमा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन संदेशों के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने-अपने झोन कार्यालयों का रुख कर रहे हैं। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जो वर्तमान में दूसरे शहरों में रह रहे हैं, लेकिन संदेश मिलने के बाद उन्हें भी अपने पुराने प्रकरणों की जानकारी लेने के लिए संपर्क करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिन मामलों के संबंध में नोटिस भेजे जा रहे हैं, उनमें से अनेक प्रकरणों का निपटारा करीब 5 वर्ष पहले लोक अदालत के माध्यम से हो चुका था। निर्धारित राशि जमा कर विवाद समाप्त कर दिए गए थे। इसके बावजूद अब दोबारा वसूली संबंधी संदेश मिलने से लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है।
निपटे मामलों के भी नोटिस भेजे मामले की जानकारी झोन कार्यालय में अधिकारियों को दिए जाने पर बताया गया कि संदेश उनके डिवीजन स्तर से गलती वश जारी हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार पुराने प्रकरणों के निराकरण का विवरण ऑनलाइन प्रणाली में अद्यतन करने का कार्य जारी है। इसी प्रक्रिया में कुछ समाप्त प्रकरण भी लंबित मामलों की सूची में बने रहे, जिसके कारण उपभोक्ताओं को स्वचालित रूप से संदेश भेज दिए गए। बताया जा रहा है कि विभाग ने जिन पुराने मामलों का निपटारा कर दिया था, उनका रिकॉर्ड समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं किया। परिणामस्वरूप पुराने चालानों के आधार पर लगातार वसूली संबंधी संदेश जारी हो रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से झोन कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बिजली कटौती की स्थिति में भी अक्सर बाद में केवल खेद संदेश भेजकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है, जबकि वास्तविक परेशानी उपभोक्ताओं को उठानी पड़ती है।
गलती से जारी हुए मैसेज इस संबंध में एमपी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गोयल नगर झोन के असिस्टेंट इंजीनियर ने कहा कि उपभोक्ताओं को जो संदेश प्राप्त हो रहे हैं, वे डिविजन स्तर से त्रुटिवश जारी हुए हैं। पुराने प्रकरणों के निराकरण के बाद उन्हें कंप्यूटर प्रणाली में दर्ज कर ऑनलाइन रिकॉर्ड से जोड़ने का कार्य चल रहा है। इसी कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया जारी है और संबंधित रिकॉर्ड अपडेट किए जा रहे हैं।