इंदौर। शहर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा जमाकर कॉलोनियां काटने वालों पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बिलावली क्षेत्र में करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि को हड़पने की नीयत से की जा रही प्लॉटिंग पर मंगलवार को प्रशासन ने करारा प्रहार किया।
कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के बाद ग्राम बिलावली (पिपलिया राव) के सर्वे नंबर 82 में स्थित लगभग 2 एकड़ शासकीय भूमि पर बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त करा लिया गया। प्रशासन के अनुसार इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत 30 करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी गई है।
बिलावली स्थित इस बहुमूल्य जमीन पर कब्जा कर कुछ लोगों द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई जा रही थी। मामले में निर्भय सिंह और लालू नागर द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा जमाने की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान शिकायत सही पाई गई, जहां प्लॉटिंग के उद्देश्य से बाउंड्रीवाल, टीनशेड और अन्य अस्थाई निर्माण खड़े कर लिए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जूनी इंदौर क्षेत्र के एसडीएम घनश्याम धनगर की अगुवाई में राजस्व विभाग, इंदौर नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मोर्चेबंदी की। मौके पर पहुंची जेसीबी मशीनों ने अवैध निर्माणों के साथ-साथ वहां खड़ी फसल को भी हटा दिया और पूरी जमीन को शासकीय आधिपत्य में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान जूनी इंदौर के अनुविभागीय अधिकारी, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, नगर निगम की अतिक्रमण रोधी टीम और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस पूरे ऑपरेशन को बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि शासकीय संपत्तियों को भू-माफियाओं से सुरक्षित रखने का यह अभियान आगे भी इसी मुस्तैदी से जारी रहेगा। बिना अनुमति के कॉलोनियां बसाने या प्लॉट बेचने का प्रयास करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।