2 करोड़ की संपत्ति बचाने बिजनौर से एम्बुलेंस से इंदौर आई 80 साल की बुजुर्ग महिला, एडीएम ने दिए जांच के आदेश !

इंदौर। मंगलवार को हुई कलेक्टर जनसुनवाई में उस समय एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखा गया, जब उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला अनीसा न्याय की गुहार लगाने सीधे इंदौर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उम्र के इस पड़ाव पर गंभीर बीमारी और शारीरिक लाचारी से जूझ रहीं अनीसा को अपनी करीब 2 करोड़ रुपये की कीमती जमीन बचाने के लिए एम्बुलेंस से लगभग 1000 किलोमीटर का लंबा और कष्टदायक सफर तय करना पड़ा। पूरी तरह से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर होने के बावजूद, जमीन पर अपनों के धोखे ने उन्हें इस उम्र में भी संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद हर शख्स उनकी इस हिम्मत और लाचारी को देखकर दंग रह गया।

वकील और बहू के साथ इंदौर आई
बुजुर्ग महिला अनीसा लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही हैं और उनके लिए सामान्य रूप से उठना-बैठना भी मुमकिन नहीं है। इसके बाद भी वह अपनी बहू और वकील के साथ इंदौर पहुंचीं। अनीसा का आरोप है कि इंदौर के गांधी नगर इलाके में स्थित उनके दो प्लॉटों पर उनके सगे भतीजे अनीस और कुछ अन्य रिश्तेदारों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। महिला के अनुसार, इन रिश्तेदारों ने जमीन के सरकारी कागजातों और दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की है, ताकि उन्हें उनकी खुद की मिल्कियत से पूरी तरह बेदखल किया जा सके।

पहले की शिकायत का असर नही हुई
महिला के परिजनों और वकील ने बताया कि इस धोखाधड़ी को लेकर उन्होंने पहले भी कई प्रशासनिक स्तरों पर शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन जब कहीं से भी कोई ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो थका-हारकर परिवार को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। बुजुर्ग महिला की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें एम्बुलेंस के जरिए बिजनौर से इंदौर लाने का फैसला किया गया ताकि वह खुद अधिकारियों के सामने अपनी आप बीती रख सकें।

शिकायती आवेदन के साथ जमीन के जरूरी दस्तावेज सौंपे
जनसुनवाई के दौरान अनीसा की तरफ से उनके वकील ने एडीएम रोशन राय को शिकायती आवेदन के साथ जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज सौंपे। पीड़ित पक्ष की दर्दभरी दास्तां सुनने और बुजुर्ग महिला की गंभीर हालत को देखने के बाद एडीएम ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को पूरी तरह निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए संबंधित विभागों को तुरंत निर्देश जारी किए। प्रशासन ने कहा है कि विवादित जमीन के सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जिंदगी और अपनों के धोखे से लड़ रही अनीसा को अब इंदौर प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।

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