संपत्ति विवाद में भाजपा सांसद मुकेश राजपूत समेत 87 लोगों पर मुकदमा, जीजा को घर से निकालने, मकान-दुकान पर कब्जे का आरोप

कासगंज। फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत के खिलाफ संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में सहावर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप मकान पर जबरन कब्जा करने, घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण ले जाने, दुकान में तोड़फोड़, मारपीट और सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर तोड़ने से जुड़े हैं। यह कार्रवाई एमपी-एमएलए न्यायालय के निर्देश पर हुई है। पुलिस ने मामले में सांसद मुकेश राजपूत समेत 37 नामजद और 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
मामला सहावर थाना क्षेत्र का है और सांसद के पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता लक्ष्मण सिंह सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं और सांसद मुकेश राजपूत की बहन रीना राजपूत के ससुर बताए गए हैं। उन्होंने एमपी-एमएलए न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि सहावर नगर में स्थित उनके मकान पर जबरन कब्जा किया गया।

राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर जीजा को घर से निकाला
शिकायत के अनुसार, लक्ष्मीपुर गांव में मकान के अलावा उनका सहावर नगर में भी एक मकान है। इस मकान के भूतल पर उनका बेटा रविंद्र अपनी पत्नी रीना राजपूत के साथ रहता था। आरोप है कि 7 सितंबर 2025 की रात सांसद मुकेश राजपूत, उनकी बहन रीना राजपूत और अन्य लोग वहां पहुंचे और मकान पर कब्जा कर लिया। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए रविंद्र को घर से बाहर कर दिया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना के दौरान मकान और दुकान से सामान ले जाने तथा तोड़फोड़ की गई। घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण ले जाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और डीवीआर को तोड़े जाने की बात कही गई है।

पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर अदालत पहुंचे
शिकायतकर्ता पक्ष के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। मामले की सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने 20 जुलाई को सहावर थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने सांसद मुकेश राजपूत, रीना राजपूत से जुड़े लोगों, सुरक्षा गार्डों और अन्य सहयोगियों सहित कुल 87 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें 37 लोगों के नाम शिकायत में दर्ज हैं, जबकि 50 अन्य लोगों को अज्ञात बताया गया है।

मारपीट, लूट और बलवे के आरोप
आरोप लगाया गया कि संपत्ति पर कब्जे की नीयत से पहुंचे लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ की और मारपीट तथा लूटपाट की। आरोप यह भी है कि इस घटनाक्रम के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी। संपत्ति के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद अब पुलिस और अदालत तक पहुंच गया है। पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। कासगंज के पुलिस अधीक्षक एपी सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज होना आरोप साबित होने के समान नहीं है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों, संबंधित पक्षों के बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सांसद मुकेश राजपूत और मामले में नामजद अन्य लोगों का पक्ष भी जांच में शामिल किया जाएगा।

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