वेतनमान मामले में सरकार पर हाईकोर्ट सख्त, आदेश न मानने पर मुख्य सचिव तलब

वेतनमान मामले में सरकार पर हाईकोर्ट सख्त, आदेश न मानने पर मुख्य सचिव तलब

हाई पे स्केल लागू न करने पर कोर्ट की नाराजगी, 2017 के आदेश का अब तक पालन नहीं

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने कर्मचारियों को उच्च वेतनमान देने के मामले में राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने पूर्व आदेश का पालन नहीं करने पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब किया है। मामला हाईकोर्ट कर्मचारियों को हाई पे स्केल दिए जाने से जुड़ा है।
इस संबंध में वर्ष 2016 में कर्मचारी किशन पिल्लई व अन्य ने याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद 28 अप्रैल 2017 को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस मुद्दे का समाधान करने को कहा था। अदालत ने यह भी उल्लेख किया था कि मामला पहले से ही लंबे समय से लंबित है, इसलिए इसमें देरी उचित नहीं है।

अन्य राज्यों में मिल रहा लाभ
याचिका में यह भी बताया गया था कि सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों के आधार पर अन्य राज्यों में हाईकोर्ट कर्मचारियों को उच्च वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है, जबकि मध्यप्रदेश में अब तक इसे लागू नहीं किया गया। सरकार द्वारा आदेश का पालन नहीं किए जाने पर वर्ष 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई थी। इसी याचिका पर हाल ही में फिर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। सिंगल बेंच ने स्पष्ट कहा कि 2017 में दिए गए आदेश के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

सरकार की दलील और कोर्ट की प्रतिक्रिया
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि उच्च वेतनमान का प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। बाद में यह भी कहा गया कि प्रस्ताव राज्यपाल के पास विचार के लिए भेजा गया है। हालांकि, कोर्ट ने इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि इतने वर्षों बाद भी आदेश का पालन न होना गंभीर मामला है।

मुख्य सचिव को किया तलब
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा कि अवमानना के आरोप तय करने से पहले मुख्य सचिव का पक्ष सुनना जरूरी है। इसके लिए उन्हें 4 मई को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह अवमानना याचिका 2018 से लंबित है और अब तक 2017 के आदेश पर अमल नहीं किया गया, जो चिंताजनक है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 मई को होगी, जहां सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

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