एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, योगी बोले ‘जन आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं !
अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्रों में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी के मामले में जांच तेज हो गई है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे जाने के बाद गुरुवार देर शाम 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि राम मंदिर के दानपात्रों से नकदी और कीमती सामान की कथित चोरी के मामले में 8 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले 1 से 2 दिनों के भीतर सभी को मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा।
सनातन आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या से संबंधित जो समाचार सामने आए थे, उन्हें गंभीरता से लेते हुए पहले ही एसआईटी का गठन कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट प्राप्त हुई, सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने दोहराया कि इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन आस्था के साथ जो भी छेड़छाड़ करेगा, उसे उसके परिणाम भुगतने होंगे और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जाएगी।
राम भक्तों की अग्नि परीक्षा न ली जाए
योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के आरोप लगाने वालों को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राम भक्तों की अग्नि परीक्षा न ली जाए और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए। यदि किसी के पास ठोस तथ्य और स्पष्ट प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, लेकिन बिना साक्ष्य के आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी की सिफारिशों के अनुरूप सरकार आगे की कार्रवाई कर रही है। जब वरिष्ठ अधिकारियों की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है, तब राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। एफआईआर में नामजद सभी 8 आरोपी उस टीम का हिस्सा थे, जो राम मंदिर के 40 दानपात्रों से निकले चढ़ावे को तीर्थ यात्रा सुविधा केंद्र पहुंचाने के बाद उसकी गिनती का कार्य करती थी। अब जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल में जुटी हैं।