मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों राज्यसभा की खाली होने वाली सीट को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

जून में होने वाले चुनाव से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

पटवारी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं और खुद को इस दौड़ से अलग बताया है। उनके इस फैसले को संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर फोकस और प्रदेश राजनीति में सक्रिय भूमिका बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

वहीं, पटवारी के बयान को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर नाम लिए बिना संकेत दिए कि पार्टी में वरिष्ठता और अनुभव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस दिग्विजय सिंह जैसे अनुभवी चेहरे पर दांव खेल सकती है।

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