राहुल गांधी बोले ‘3 रुपये का झटका मिल चुका, बाकी वसूली अभी बाकी’
नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का सीधा असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई पहले से ही जनता को परेशान कर रही है और अब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से रोजमर्रा की वस्तुएं और अधिक महंगी होंगी।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि सरकार की गलती की कीमत जनता चुका रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 3 रुपये का झटका आ चुका है, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे करोड़ों परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित होगा।
खरगे ने कहा ‘नेतृत्व संकट से बढ़ा आर्थिक दबाव’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी ईंधन मूल्य वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में केवल वैश्विक ईंधन संकट ही नहीं, बल्कि आर्थिक संकट की बड़ी वजह सरकार में नेतृत्व का अभाव, दूरदर्शी सोच की कमी और अक्षमता है। खरगे ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों का बोझ सीधे जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने का असर केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खेती, उद्योग, परिवहन और घरेलू खर्च तक हर क्षेत्र प्रभावित होता है। उनके मुताबिक इससे महंगाई और तेजी से बढ़ती है।
पश्चिम एशिया संकट और रूसी तेल खरीद
खरगे ने केंद्र सरकार की विदेश और आर्थिक नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति बनी, तब सरकार लगातार यह संदेश देती रही कि सब कुछ सामान्य है और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने रूसी तेल खरीद को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मार्च में रूस से तेल खरीद पर 30 दिन की छूट दी गई थी, जिसमें अमेरिका की ओर से ‘अनुमति’ और ‘इजाजत’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। अब खबरें आ रही हैं कि भारत सरकार उस छूट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। खरगे ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार देश को ऐसी स्थिति में क्यों ले आई, जहां उसे अनुमति मांगनी पड़ रही है।
सस्ते कच्चे तेल का फायदा जनता को नहीं मिला
खरगे ने यह भी कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम थे, तब सरकार ने आम लोगों को राहत देने के बजाय करों के जरिए भारी कमाई की। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने ईंधन पर कर लगाकर करीब 43 लाख करोड़ रुपये जुटाए। कांग्रेस ने सवाल किया कि आखिर जनता पर लगातार महंगाई का बोझ क्यों डाला जा रहा है।