कानपुर। नई दिल्ली से प्रयागराज जा रही ‘गोरखधाम एक्सप्रेस’ में रविवार रात एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला सिपाहियों ने मुस्तैदी दिखाई और प्लेटफॉर्म पर मौजूद क्लिनिक की नर्स की मदद से ट्रेन के डिब्बे के भीतर ही प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें बेहतर इलाज के लिए उर्सुला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा, कानपुर सेंट्रल पर मांगी गई मदद
जानकारी के अनुसार मूल रूप से प्रयागराज निवासी करीना रविवार रात गोरखधाम एक्सप्रेस से नई दिल्ली से अपने घर लौट रही थीं। सफर के दौरान जैसे ही ट्रेन कानपुर के करीब पहुंची, उन्हें अचानक तेज दर्द होने लगा। सहयात्रियों की सूचना पर तुरंत कानपुर सेंट्रल स्टेशन के कंट्रोल रूम को मामले से अवगत कराया गया। रविवार रात जैसे ही गोरखधाम एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आकर रुकी, आरपीएफ की टीम पहले से ही मुस्तैद खड़ी थी।
तत्परता और सूझबूझ से बोगी में ही हुआ सफल प्रसव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ की महिला सिपाहियों ने बिना समय गंवाए प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर स्थित मधुराज क्लिनिक की मेडिकल टीम से संपर्क किया। क्लिनिक की नर्स और RPF की महिला कर्मियों ने ट्रेन के डिब्बे के भीतर ही पर्दा लगाकर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। करीना ने एक सुंदर पुत्र को जन्म दिया। बच्चे के जन्म लेते ही डिब्बे और प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों व रेल कर्मियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई।
अस्पताल में भर्ती, जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित
प्रसव के तुरंत बाद रेलवे की डॉक्टरी टीम ने मां और नवजात दोनों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से दोनों को उर्सुला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक मां और नवजात शिशु दोनों पूरी तरह से खतरे से बाहर हैं। समय पर मिली चिकित्सीय सहायता के लिए महिला के परिजनों ने आरपीएफ टीम और मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया है।