इलायची के विज्ञापन पर एफडीए के निशाने पर आए शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस, प्रतिबंधित पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार का आरोप!

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इलायची के एक विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एफडीए ने आशंका जताई है कि इलायची के नाम पर प्रसारित किया जा रहा यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार हो सकता है। विभाग ने तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका और प्रचारात्मक समर्थन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
महाराष्ट्र एफडीए के अनुसार, संबंधित विज्ञापन ऑनलाइन और दूसरे प्रचार माध्यमों पर प्रसारित किया जा रहा है। विभाग की नजर विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए ब्रांड नाम, संवाद और प्रस्तुति पर है। एफडीए का कहना है कि इन तत्वों से उपभोक्ताओं के बीच संबंधित ब्रांड को पान मसाला उत्पाद से जोड़ने का संदेश जा सकता है। इसी आधार पर विज्ञापन को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जांच के दायरे में लिया गया है।

महाराष्ट्र में पान मसाला पर एक साल की रोक
महाराष्ट्र सरकार ने 13 जुलाई 2026 के आदेश के तहत पान मसाला जैसे प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए रोक लगाई है। ऐसे में एफडीए यह जांच कर रहा है कि संबंधित विज्ञापन इस प्रतिबंध के दायरे में आने वाले उत्पाद के अप्रत्यक्ष प्रचार का माध्यम तो नहीं बन रहा।
एफडीए ने अपने नोटिस में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 और 53 का उल्लेख किया है। कानून के तहत खाद्य पदार्थों से जुड़े ऐसे विज्ञापनों पर रोक है, जो भ्रामक हों या खाद्य सुरक्षा कानून तथा उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का उल्लंघन करते हों। विभाग ने इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर तीनों अभिनेताओं से उनका पक्ष रखने को कहा है।

10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के मामले में 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। एफडीए ने नोटिस में इसी प्रावधान का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि विज्ञापन की सामग्री और उसमें शामिल प्रचार करने वालों की भूमिका की जांच की जा रही है।
विभाग का सवाल यह है कि क्या विज्ञापन में दिखाई जाने वाली इलायची वास्तव में केवल एक खाद्य उत्पाद का प्रचार है या इसके जरिए किसी प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड को अप्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसी पहलू पर तीनों अभिनेताओं से जवाब मांगा गया है।

पहले भी विवादों में रहा है विज्ञापन
इलायची से जुड़े इस विज्ञापन को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। अब महाराष्ट्र एफडीए ने औपचारिक रूप से मामले को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जांच के दायरे में लिया है। विभाग विज्ञापन की सामग्री, उसके प्रसारण के माध्यम और उसमें शाहरुख खान, अजय देवगन तथा टाइगर श्रॉफ की भूमिका की पड़ताल कर रहा है।
नोटिस में तीनों अभिनेताओं से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। अब उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।

विज्ञापन में भ्रामक प्रचार और अनुचित व्यापार व्यवहार
एफडीए की जांच का मुख्य आधार यह है कि खाद्य उत्पादों के विज्ञापन में भ्रामक प्रचार और अनुचित व्यापार व्यवहार की अनुमति नहीं है। विभाग यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि संबंधित विज्ञापन इन कानूनी सीमाओं का उल्लंघन करता है या नहीं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई और जुर्माने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
इस मामले ने एक बार फिर फिल्मी सितारों द्वारा किए जाने वाले ऐसे विज्ञापनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें किसी दूसरे उत्पाद के नाम और पहचान के जरिए ऐसे ब्रांड का प्रचार किए जाने का आरोप लगता है, जिसकी बिक्री या प्रचार पर कानूनी प्रतिबंध हो।

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