‘सरकारी ठेकों में बहुजन की हिस्सेदारी का हिसाब नहीं’ राहुल गांधी के सवालों से हड़कंप!

संसद में सरकार के जवाब से उठे सवाल, सरकार के पास रिकॉर्ड नहीं है, तो न्याय कैसे!

नई दिल्ली। देश के बड़े सरकारी ठेकों में दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग (SC/ST/OBC) के उद्यमियों की हिस्सेदारी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार के पास ₹16,500 करोड़ से अधिक के ठेकों में बहुजन समाज की हिस्सेदारी का डेटा ही नहीं है

मुद्दा लोकसभा के सवाल से रंग लाया
मामला लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न से जुड़ा है। राहुल गांधी ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से पिछले पांच वर्षों के ठेकों का ब्यौरा मांगा था। उन्होंने पूछा था कि कितने ठेके SC/ST और OBC उद्यमियों को मिले और क्या SC/ST के लिए तय 4% लक्ष्य पूरा हुआ। जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि मंत्रालय के पास जातिगत आधार पर ठेकों की ट्रैकिंग का कोई सिस्टम नहीं है

भारी भरकम बजट पर अपारदर्शी वितरण?
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में 8,402 ठेके दिए गए, जिनकी कुल कीमत ₹16,587 करोड़ रही। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब रिकॉर्ड ही नहीं है, तो सामाजिक न्याय कैसे सुनिश्चित होगा

नीति और हकीकत का टकराव
सरकारी नीति के अनुसार 25% सार्वजनिक खरीद MSME से होनी चाहिए, जिसमें 4% SC/ST उद्यमियों के लिए आरक्षित है। राहुल गांधी का आरोप है कि बड़े निर्माण ठेकों में इस नीति का पालन नहीं हो रहा और जब तक डेटा सार्वजनिक नहीं होगा, तब तक पिछड़े वर्गों की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो सकती।

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