संजय सिंह के आरोपों पर राहुल गांधी का जवाब, कहा कि हम पूरी तरह छात्रों के साथ, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई

नई दिल्ली। नीट परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के मुद्दे पर देश भर में जारी घमासान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए जाने के बाद अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जवाब आया। राहुल गांधी ने संजय सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वे और उनकी पार्टी छात्रों के आंदोलन का पूरी तरह समर्थन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अपनी स्थिति का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनके मुंह से खून तक निकल रहा था, लेकिन वे युवाओं की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।

संजय सिंह ने लगाया आंदोलन कमजोर करने का आरोप
इससे पहले ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस और राहुल गांधी की नीयत पर सवाल उठाए थे। संजय सिंह का आरोप था कि जंतर-मंतर पर सीजेपी और छात्रों के धरने को कमजोर करने की साजिश के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास के बाहर धरने पर बिठा दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सोनम वांगचुक देश के करोड़ों युवाओं के लिए पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को बर्बरता से पीटा गया। संजय सिंह ने सवाल दागा कि कांग्रेस युवाओं के आंदोलन में शामिल होने की अपील करने के बजाय जंतर-मंतर के प्रदर्शन को क्यों कमजोर करना चाहती है।

विरोध कर रहे छात्र आतंकवादी नहीं
संजय सिंह की बयानबाजी के बीच राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को फिर दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं और इन पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठा रहे छात्र कोई आतंकवादी नहीं हैं, जो सुरक्षा बल उन पर हथियार तान रहे हैं, उन्हें पीट रहे हैं और उन पर ज़ुल्म कर रहे हैं। वे केवल एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जो निष्पक्ष और कारगर हो।

शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल और पीएम से माफी की मांग
पुलिस कार्रवाई और युवाओं के मानसिक तनाव का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं और देश में बच्चों की आत्महत्याएं एक बेहद गंभीर समस्या बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि जिस भारतीय शिक्षा व्यवस्था को कभी दुनिया में सबसे बेहतरीन माना जाता था, वह अब पूरी तरह धांधली की शिकार बन चुकी है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वे इस नाकामी के लिए छात्रों से माफी मांगें और आंदोलनकारी युवाओं पर हमला करने वाले जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करें।

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