मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने राज्य में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 89 होटल, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण किया। इनमें 71 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 13 के खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। कार्रवाई की जद में दक्षिण मुंबई का बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब और कोलाबा स्थित मैकडोनाल्ड आउटलेट भी शामिल हैं।
आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के मई में एफडीए आयुक्त का पद संभालने के बाद से विभाग ने खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और दूसरे जरूरी नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान तेज किया है। हालिया जांच में कई जगह ऐसी कमियां मिलीं, जिन्हें पहले भी सुधारने के निर्देश दिए जा चुके थे।
रेडियो क्लब की रसोई में मिलीं मक्खियां और मरे कॉकरोच
एफडीए के मुताबिक 19 अगस्त को बॉम्बे प्रेसिडेंसी रेडियो क्लब में किए गए निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े मानकों का करीब 47 प्रतिशत उल्लंघन मिला। रसोई में बड़ी संख्या में जीवित मक्खियां और मरे हुए कॉकरोच पाए गए। खाद्य सामग्री फर्श पर सीधे रखी मिली। रसोई के नजदीक रसायन रखे होने के साथ ही खाद्य सामग्री तैयार करने वाले स्थान के ऊपर पेंट और प्लास्टर उखड़ा हुआ मिला। एफडीए ने लाइसेंस निलंबन की अवधि में क्लब को खाद्य पदार्थों की खरीद, बिक्री और वितरण रोकने का निर्देश दिया है।
मैकडोनाल्ड के लाइसेंस पर भी कार्रवाई
दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित मेट्रो हाउस में हार्डकैसल रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित मैकडोनाल्ड रेस्तरां का एफएसएसएआई लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। एफडीए के अनुसार 19 अगस्त को किए गए दोबारा निरीक्षण में पहले जारी सुधार नोटिस में दर्ज 20 कमियों में से 18 अब भी दूर नहीं की गई थीं। जांच के दौरान तापमान नियंत्रित करने वाले उपकरणों में खराबी, जीवित कॉकरोच, गंदगी और खाद्य अपशिष्ट जैसी कमियां मिलीं।
अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों द्वारा हाथ साफ किए बिना खाने के लिए तैयार खाद्य सामग्री को संभालने की बात भी सामने आई। रेस्तरां ने 12 अगस्त को 148 पन्नों की अनुपालन रिपोर्ट एफडीए को सौंपी थी, लेकिन दोबारा जांच में कई गंभीर कमियां बनी हुई मिलीं। एफडीए ने यह भी बताया कि ग्राहकों को वास्तविक चीज और पनीर के इस्तेमाल की जानकारी दिए जाने के बावजूद प्रसंस्कृत गैर-डेयरी उत्पाद ‘गो चीज सॉस’ के इस्तेमाल की बात सामने आई।
नोवारा रेस्तरां का लाइसेंस निलंबित
मलाड स्थित नोवारा रेस्तरां का संचालन करने वाली इनजेनियस किचन्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी कार्रवाई हुई है। 13 अगस्त को दोबारा किए गए निरीक्षण में पहले दर्ज 25 गंभीर कमियों में से 14 का समाधान नहीं पाया गया। इसके बाद लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
बड़े रेस्टोरेंट पर गिरी गाज
नरीमन प्वाइंट स्थित स्टेटस रेस्तरां का लाइसेंस ग्राहक की शिकायत के बाद निलंबित किया गया। निरीक्षण के दौरान बर्तन साफ करने और चेहरा धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्थान से गंदा पानी साफ बर्तनों पर गिरने की स्थिति मिली। कर्मचारियों के पर्याप्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण नहीं पहनने, गंदे बर्तन, जमा पानी और खाद्य अपशिष्ट जैसी कमियां भी दर्ज की गईं। खार पश्चिम स्थित खार जिमखाना का पंजीकरण प्रमाणपत्र भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी गंभीर कमियों के कारण निलंबित किया गया है।
भंडारण से लेकर रसोई की सफाई तक कई खामियां
जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री के उचित भंडारण, कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखने, बर्तन साफ करने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था और जमे हुए खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से पिघलाने से जुड़े नियमों का पालन नहीं मिला। मुंबई में बजरंग स्वीट मार्ट और सांताक्रूज पश्चिम स्थित एएसएम होटल्स एंड हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। मुंबई के बाहर नागपुर के ड्यू ब्रदर्स शावरमा, नासिक के अवंती स्नैक्स और अमरावती के पिंटू यादव स्वीट्स पर भी यही कार्रवाई की गई।
रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण जरूरी
छत्रपति संभाजीनगर और परभणी के तीन प्रतिष्ठान भी कार्रवाई की सूची में हैं। इनमें छप्पन भोग थाली रेस्तरां एंड बैंक्वेट हॉल, म्हारो गायत्री मेवाड़ प्राइवेट लिमिटेड और स्टार बेकरी शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण निलंबित किए गए हैं। एफडीए की इस कार्रवाई से साफ है कि खाद्य कारोबार में केवल लाइसेंस होना पर्याप्त नहीं है। रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की साफ-सफाई और तय मानकों का लगातार पालन करना भी जरूरी है। विभाग ने जिन प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश दिए हैं, वहां दोबारा जांच के जरिए यह देखा जा रहा है कि कमियों को वास्तव में दूर किया गया या नहीं।