
दिल्ली हाईकोर्ट ने RTI के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर फैसला दिया!
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय में स्पष्ट किया है कि सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से पॉलिसियों की जानकारी मांगने के लिए पॉलिसी नंबर देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, इसके लिए आवेदक को अपनी पहचान से जुड़ी पर्याप्त और ठोस जानकारी देना जरूरी होगा, ताकि संबंधित रिकॉर्ड का पता लगाया जा सके।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने इस मामले में एक पॉलिसीधारक की इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अपीलकर्ता ने अपने नाम पर जारी सभी LIC पॉलिसियों का पूरा विवरण मांगा था, लेकिन उसने पॉलिसी नंबर उपलब्ध नहीं कराए थे।
आवेदक के पक्ष में कोर्ट का फैसला
संबंधित महिला ने मार्च 2022 में RTI आवेदन देकर अपने नाम से जुड़ी सभी बीमा पॉलिसियों की जानकारी मांगी थी। LIC के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) ने आवेदन यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि बिना पॉलिसी नंबर के जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। प्रथम अपीलीय प्राधिकरण ने भी इस निर्णय को सही ठहराया।
इसके बाद मामला केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) पहुंचा, जहां आयोग ने LIC को निर्देश दिया कि वह ऐसी व्यवस्था विकसित करे, जिससे पॉलिसी नंबर के अभाव में भी जानकारी खोजी जा सके और आवेदक को उपलब्ध कराई जा सके।
हाई कोर्ट के LIC को निर्देश
CIC के इस आदेश को चुनौती देते हुए LIC हाईकोर्ट पहुंचा। एकल न्यायाधीश ने डेटा प्रणाली को और बेहतर बनाने की आवश्यकता तो मानी, लेकिन कोई बाध्यकारी निर्देश जारी करने के बजाय आवेदक को आवश्यक विवरणों के साथ नया आवेदन देने की छूट दे दी।
पॉलिसी नंबर न हो, पर बाकी जानकारी जरूरी
खंडपीठ ने इसी रुख को सही ठहराते हुए कहा कि यह संभव है कि किसी व्यक्ति को यह भी जानकारी न हो कि उसके नाम पर बीमा पॉलिसी ली गई है, ऐसे में पॉलिसी नंबर का अभाव स्वाभाविक है। लेकिन नाम, जन्मतिथि, लिंग, पूरा पता (पिन कोड सहित), मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खाते की जानकारी जैसे विवरण ऐसे हैं, जिनकी जानकारी आवेदक के पास होना अपेक्षित है।
पूरी जानकारी होना भी जरूरी
अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि LIC के पास 27 करोड़ से अधिक पॉलिसियों का रिकॉर्ड है। ऐसे में बिना पर्याप्त जानकारी के किसी विशेष पॉलिसी का पता लगाना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन हो सकता है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जरूरी सूचनाओं के अभाव में LIC से जानकारी प्राप्त करना संभव नहीं है, इसलिए आवेदकों को पर्याप्त पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इस तरह अदालत ने अपील खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि बीमित व्यक्ति अपनी पॉलिसियों की जानकारी मांग सकता है, लेकिन इसके लिए उसे अपनी पहचान से जुड़े जरूरी विवरण देने होंगे।