इंदौर। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर के पास बन रही रेल सुरंग का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। बन चौपाटी से नूतन नगर के बीच लगभग 2956 मीटर लंबी यह सुरंग परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। इसकी खासियत यह है कि सुरंग के ऊपर रिहायशी क्षेत्र और आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग मौजूद है, जबकि नीचे जमीन के भीतर रेल मार्ग तैयार किया जा रहा है।
सुरंग के भीतर इन दिनों तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। कई हिस्सों में कंक्रीट परत का काम पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 1000 मीटर क्षेत्र में रेल पटरियां भी बिछा दी गई हैं। यहां पारंपरिक गिट्टी के स्थान पर कंक्रीट आधार पर पटरियां डाली जा रही हैं, जिससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित और स्थिर रहेगा निर्माण के दौरान अभियंताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऊपर की सतह को सुरक्षित रखते हुए नीचे सुरंग तैयार करना था।
चट्टानी क्षेत्र, पानी के रिसाव और लगातार चल रहे यातायात के बीच काम को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाया गया। अब अधिकांश तकनीकी चुनौतियां दूर हो चुकी हैं और परियोजना निर्धारित लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जुलाई 2026 तक सुरंग निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद इस खंड में परीक्षण संचालन शुरू किया जाएगा। साथ ही संकेत व्यवस्था और विद्युत संबंधी कार्य भी समानांतर रूप से जारी हैं।
पीथमपुर को मिलेगा बड़ा लाभ
सुरंग तैयार होने के बाद औद्योगिक नगरी पीथमपुर पहली बार सीधे रेल संपर्क से जुड़ जाएगी। इससे माल परिवहन में समय और लागत दोनों की बचत होगी। उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार पीथमपुर के पास लगभग 2956 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 1000 मीटर हिस्से में रेल पटरियां बिछाई जा चुकी हैं। संकेत व्यवस्था और विद्युत कार्य भी जारी हैं तथा जुलाई तक सुरंग का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
