दतिया का रण, उपचुनाव में भारी मतदान, नेताओं का दावा और दिनभर का सियासी घमासान!

दतिया। मध्य प्रदेश की चर्चित विधानसभा सीटों में शुमार दतिया सीट पर उपचुनाव के दौरान मतदाताओं ने खुलकर हिस्सा लिया। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान का आंकड़ा 61.48% के पार पहुंच गया। बूथों पर लगी लंबी कतारों से यह साफ झलक रहा था कि दतिया की जनता ने क्षेत्र की नुमाइंदगी तय करने के लिए पूरा उत्साह दिखाया है। हालांकि, मतदान की इस रफ्तार के बीच दिनभर राजनीतिक खींचतान और हंगामे की स्थिति भी बनी रही।

फर्जी वोटिंग के दावे और थाने तक पहुंचा विवाद
मतदान प्रक्रिया के दौरान कई केंद्रों पर विवाद और गहमागहमी देखने को मिली। रामसागर गांव के बूथ से पुलिस ने कांग्रेस के एक पोलिंग एजेंट को हिरासत में ले लिया। इस दौरान जब समर्थकों ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो उन्हें भी रोक दिया गया। मामला बढ़ते ही कांग्रेस के नेता थाने पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया। इसके बाद प्रशासन ने एजेंट को छोड़ दिया।
दूसरी तरफ जिगना और सिरोल के केंद्रों पर फर्जी मतदान के आरोप सामने आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि बाहर से लोगों को लाकर वोट डलवाए जा रहे हैं। स्थिति का जायजा लेने कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह खुद अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। इसी बीच उदगवां केंद्र से पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया, जो गलत तरीके से वोट डालने की कोशिश कर रहा था।

नरोत्तम मिश्रा का जवाब और वोटों के आंकड़े
कांग्रेस के इन आरोपों पर पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस अपनी हार देखती है, तो ऐसे झूठे दावे करने लगती है। यह उनकी हताशा को दिखाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय जनता पार्टी बड़े अंतर से चुनाव जीत रही है।
चुनावी इंतजामों की बात करें तो दतिया में कुल 291 पोलिंग बूथ बनाए गए थे, जिनमें 105 शहरी क्षेत्र में और 186 ग्रामीण इलाकों में मौजूद थे। इस चुनाव में कुल 2,20,344 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनमें 1,16,088 पुरुष और 1,04,246 महिलाएं शामिल थीं। मतदान को सही ढंग से संपन्न कराने के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की 16 कंपनियों समेत कुल 1,422 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इस पूरे मुकाबले का फाइनल रिजल्ट 3 अगस्त को काउंटिंग के बाद सामने आएगा।

Leave a Comment