भोपाल। नोएडा से भोपाल ब्याही गई मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की ससुराल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को भोपाल की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में पेश आरोप पत्र में त्विषा की सास और पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह तथा पति और वकील समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर दहेज हत्या, घरेलू हिंसा, आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रतिषेध कानून के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई ने आरोप पत्र में मामले से जुड़े दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य शामिल किए हैं। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 108 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3, 3(5) और 4 के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें दहेज हत्या, पति या ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित प्रावधान हैं। दोनों आरोपी 2 जून से न्यायिक हिरासत में हैं।
दलीलों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अभियोजन पक्ष सीबीआई की जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगा, जबकि बचाव पक्ष आरोपों और उपलब्ध सामग्री को चुनौती देगा। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
त्विषा शर्मा की मौत 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित उसकी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष व विस्तृत जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद प्रकरण सीबीआई को सौंपा गया।
आरोपों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल
जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने घटना की परिस्थितियों, ससुराल पक्ष पर लगे आरोपों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया है। इसे मामले की जांच में अहम पड़ाव माना जा रहा है।
हालांकि आरोप पत्र में लगाए गए आरोप अभी न्यायालय के विचाराधीन हैं। आरोपियों पर दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा। अब अदालत में साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले की आगे की सुनवाई होगी।