खुद को कृष्ण अवतार बताकर आईआईटियन बाबा करता था शोषण, खुल रही राधा कुंड आश्रम की परतें!

मथुरा। राधाकुंड स्थित एक आश्रम से जुड़े मामले में गिरफ्तार अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। खुद को भगवान कृष्ण का अवतार बताने वाले 29 वर्षीय अभिषेक पर युवतियों के यौन और मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वह लंबे समय से एक संगठित तंत्र के जरिए अपने प्रभाव का विस्तार कर रहा था।

गिरफ्तारी के बाद दो और युवतियां सामने आई हैं। उन्होंने गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि आरोपी ने उन्हें नशीला पदार्थ देकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने दोनों शिकायतों को मुख्य प्रकरण में शामिल कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य संभावित पीड़िताओं से भी संपर्क किया जा रहा है और उनके न्यायालयीन बयान दर्ज कराए जाएंगे। इस मामले की पहली शिकायत छत्तीसगढ़ के बाल्को कोरबा क्षेत्र की एक बीएससी नर्सिंग छात्रा ने दर्ज कराई थी, जिसके बयान न्यायालय में हो चुके हैं। जांच में पता चला है कि आश्रम में लगभग 24 युवक-युवतियों की एक सक्रिय टोली थी। इनमें बी-टेक, एम-टेक और एमबीए जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त युवा भी शामिल थे। ये लोग विभिन्न माध्यमों से आरोपी का प्रचार करते थे, जिससे दूसरे शिक्षित युवक-युवतियां भी आश्रम की ओर आकर्षित होते थे।

पुलिस के अनुसार आरोपी पहले आध्यात्मिकता के नाम पर लोगों को प्रभावित करता था और फिर खुद को कृष्ण अवतार बताकर युवतियों का शोषण करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में कुछ युवक-युवतियों के विवाह भी आश्रम के माध्यम से कराए जाते थे। हालांकि अभिषेक मिश्रा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है और शिकायतकर्ता युवती से किसी प्रकार के संबंध होने से इनकार किया है।

पुलिस का आरोप है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से युवक-युवतियों को अपने प्रभाव में लेता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह आश्रम में आने वाली युवतियों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लेता था। बाद में उन्हें सार्वजनिक करने और बदनाम करने की धमकी देकर परिजनों से धन उगाही की जाती थी। पुलिस का मानना है कि इसी धन से राधा कुंड में एक बड़ा आश्रम नुमा भवन तैयार किया जा रहा था। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। आश्रम से मिले दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और आरोपी के मोबाइल की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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