उज्जैन। सावन के तीसरे सोमवार और साल में सिर्फ एक बार खुलने वाले श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के विशेष संयोग पर भक्तों का विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। इंदौर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण पूरा शहर भक्ति के रंग में रंग गया। हालांकि, भारी भीड़ के चलते नीलकंठ द्वार के समीप अचानक अफरातफरी की स्थिति बन गई, जिसमें 6 श्रद्धालु चोटिल हो गए। वहीं हरसिद्धि मंदिर के पास बैरिकेड्स वाले इलाके में अत्यधिक दबाव के कारण 13 लोगों की सेहत बिगड़ गई। इंदौर से गए यात्रियों के परिजन इस घटना के बाद काफी चिंतित नजर आए।
इंदौर-उज्जैन मार्ग पर लगा लंबा जाम, बसें और टैक्सियां रहीं फुल
इंदौर से तड़के ही बड़ी संख्या में लोग उज्जैन के लिए रवाना होने लगे थे। श्रद्धालुओं के अनुसार, इंदौर-उज्जैन रास्ते पर गाड़ियों का बहुत ज्यादा दबाव देखने को मिला और कई जगहों पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित रही। सुबह जल्दी निकलने के बावजूद लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में लंबा समय लगा। सार्वजनिक परिवहन की हालत यह रही कि इंदौर से चलने वाली सभी बसें पूरी तरह भरी हुई थीं, जबकि निजी गाड़ियों और टैक्सियों में भी यात्रियों की भारी भीड़ दर्ज की गई।
तीन बड़े धार्मिक आयोजनों से बनी ऐसी स्थिति
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, एक ही दिन 3 बड़े धार्मिक आयोजन होने की वजह से शहर में श्रद्धालुओं का जमावड़ा बढ़ा। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू होने के साथ-साथ सावन के तीसरे सोमवार पर महाकाल मंदिर में 7 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान रहा। इसके अलावा शाम 4:00 बजे निकलने वाली भगवान महाकाल की तीसरी सवारी में भी लगभग 4 से साढ़े 4 लाख लोगों के शामिल हुए, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।
पुलिस प्रशासन का कहना, अफवाह से बिगड़ा माहौल
घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक भीड़ के बीच किसी अफवाह के फैलने से कुछ देर के लिए अव्यवस्था पैदा हुई थी। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए स्थिति को पूरी तरह संभाल लिया।