कंट्रोल रूम को मिली टहनियां टूटने की 23 अन्य शिकायतें!
इंदौर। मौसम के बदले मिजाज और अचानक आई तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तेज हवाओं के दबाव के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में 40 से अधिक स्थानों पर बड़े पेड़ और भारी-भरकम डालियां धराशायी हो गईं, जबकि 23 जगहों पर टहनियां टूटकर सड़क पर आ गिरीं। इस कारण कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह थम गया। हालात को देखते हुए नगर निगम के कंट्रोल रूम को जैसे ही नागरिकों से सूचनाएं मिलीं, वैसे ही उद्यान विभाग के मैदानी अमले ने मोर्चा संभाल लिया और सड़कों से बाधा हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया।

सतर्क रहने के आदेश जारी
मौसम के बिगड़े मिजाज को भांपते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने पहले ही उद्यान विभाग की विभिन्न टीमों को सभी जरूरी साजो-सामान के साथ सतर्क रहने के आदेश जारी कर दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि पेड़ गिरने की खबर मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंचे, ताकि रास्तों को साफ करके यातायात व्यवस्था को फिर से सामान्य बनाया जा सके। इसी मुस्तैदी का नतीजा रहा कि सूचना मिलते ही निगम की गाड़ियां और कर्मचारी आधुनिक औजारों के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंच गए।
इन इलाकों में गिरे पेड़ और टहनियां
शहर के लोकनायक नगर, खड़े गणपति, महेश गार्ड लाइन, संचार नगर, मनोरमागंज, बाणगंगा, छत्रीबाग, छीपा बाखल, गांधीनगर और मालवा मिल पतरे की चाल जैसे क्षेत्रों में पेड़ गिरने से काफी नुकसान हुआ। इसके अलावा लोधीपुरा, बियाबानी रोड, खंडवा रोड, सहकार नगर, मूसाखेड़ी चौराहा, रेडियो कॉलोनी, खातीवाला टैंक, जूनी इंदौर, पुष्प नगर, सदर बाजार थाना क्षेत्र के पीछे, सपना-संगीता रोड, डीआरपी लाइन, अन्नपूर्णा रोड, शिवाजी वाटिका, रामचंद्र नगर चौराहा, शास्त्री ब्रिज के पास, लैंटन चौराहे के समीप, साउथ तुकोगंज, मनीषपुरी कॉलोनी, जूनी इंदौर मुक्तिधाम और वैशाली नगर सहित कई अन्य मोहल्लों से भी ऐसी ही खबरें आईं। कई जगहों पर पेड़ बिजली के तारों पर भी आ गिरे थे, जिन्हें बेहद सावधानी के साथ हटाया गया ताकि बिजली और आवाजाही दोनों को बहाल किया जा सके।
बिना किसी देरी के समस्या हल हो
बरसात के इस दौर को देखते हुए निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मैदानी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे कंट्रोल रूम और जमीन पर काम कर रही टीमों के बीच लगातार तालमेल बनाए रखें। उन्होंने यह भी साफ किया कि जनता से मिलने वाली हर परेशानी और शिकायत का निपटारा सबसे पहले और बिना किसी देरी के किया जाना चाहिए, ताकि राहगीरों और रहवासियों को किसी भी तरह की मुसीबत का सामना न करना पड़े।