इंदौर। 9 जून से शुरू होकर 13 जून तक चलने वाले ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के लिए इंदौर पूरी तरह तैयार है। आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अलग-अलग समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सम्मेलन में शामिल होने वाले विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अतिथियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष रूप से मजबूत किया गया है। रेसीडेंसी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने सुरक्षा, आवागमन, आवास, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और अतिथियों के स्वागत-सत्कार से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक में मंडी प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ परीक्षित झाड़े, किसान कल्याण विभाग के उप सचिव रोहित सिसोनिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि यह आयोजन इंदौर और मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और यह सुनिश्चित करें कि सम्मेलन में आने वाले राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों।
कृषि के महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन
सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, कृषि अनुसंधान, टिकाऊ कृषि विकास, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। आयोजन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र, विशेषज्ञ चर्चाएं और अनुभव साझा करने के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं का समयबद्ध परीक्षण कर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस सुरक्षा को लेकर निर्देश
सम्मेलन को लेकर पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने भी अधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन स्थल, विमानतल, ठहराव स्थलों तथा प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर आवश्यक संसाधनों के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षाबलों और समन्वय अधिकारियों के बीच सतत संपर्क बना रहे। वाहनों और चालकों का सत्यापन कराया जाए तथा सभी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास उपलब्ध रहे।
निगरानी, आपात व्यवस्था पर जोर
पुलिस आयुक्त ने होटल कर्मचारियों के सत्यापन, संवेदनशील स्थानों की पहचान और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, निगरानी तंत्र को सक्रिय रखने तथा आवश्यक तकनीकी साधनों के माध्यम से सतत नजर रखने के लिए कहा गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। वहीं एम्बुलेंस, अस्पताल और अग्निशमन सेवाओं को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और पुलिस ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की तैयारी पूरी कर ली है।