सोनम की जमानत पर हाईकोर्ट का फैसला आज, पुलिस ने दी है चुनौती!

राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत बनी रहेगी या होगी निरस्त

इंदौर। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर आज महत्वपूर्ण फैसला आने वाला है। मेघालय पुलिस द्वारा निचली अदालत के आदेश को चुनौती दिए जाने के बाद उच्च न्यायालय में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत आज अपना निर्णय सुनाएगी। इस फैसले से यह स्पष्ट होगा कि सोनम जमानत पर बाहर रहेगी या फिर उसे दोबारा जेल भेजा जाएगा।

राजा रघुवंशी की शिलांग में हनीमून के दौरान हत्या कराए जाने के आरोपों का सामना कर रही सोनम को जिला अदालत ने 29 अप्रैल को चौथे जमानत आवेदन पर राहत दी थी। अदालत ने गिरफ्तारी संबंधी दस्तावेजों में दर्ज त्रुटि को महत्वपूर्ण मानते हुए उसे जमानत प्रदान की थी। इसके बाद मेघालय पुलिस ने इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया।

सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से महाधिवक्ता ए. कुमार के साथ अधिवक्ता एम खेरा, आर खारक्रांग और ए मलिक ने पक्ष रखा। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि सोनम को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पूरी जानकारी थी और उसकी गिरफ्तारी विधिसम्मत तरीके से की गई थी।

लिपिकीय त्रुटि जमानत का आधार नहीं
सरकारी वकीलों ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी दस्तावेजों में केवल लिपिकीय त्रुटि हुई थी। दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403(1) अंकित हो गई थी, जबकि इस संहिता में धारा 403 का कोई प्रावधान ही नहीं है। सरकार का तर्क था कि इतनी गंभीर प्रकृति के अपराध में केवल इस त्रुटि को आधार बनाकर जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर सोनम की ओर से अधिवक्ता एस छापा और एस चंदा अदालत में अपना पक्ष रखेंगे। बचाव पक्ष का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को सही कानूनी जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। इसी आधार पर जिला अदालत ने जमानत मंजूर की थी।

अन्य आरोपियों को राहत नहीं
मामले के अन्य आरोपियों को राहत नहीं मिली है। आरोपी राज कुशवाह, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल राजपूत की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज की जा चुकी हैं और वे वर्तमान में जेल में बंद हैं। वहीं, साक्ष्य मिटाने के मामले में इंदौर से गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी जमानत पर हैं सोनम को जमानत मिलने के बाद भी अदालत ने शिलांग छोड़ने की अनुमति नहीं दी है। अब सभी की नजरें उच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि जिला अदालत का आदेश कायम रहेगा या सोनम की जमानत निरस्त कर दी जाएगी।

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