नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। पेट्रोल पंपों पर ईंधन के भंडार की स्थिति संतोषजनक बताई गई और सरकारी तेल कंपनियों के बिक्री केंद्रों पर पुराने दरों पर ही ईंधन जारी किया जा रहा है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों में घबराकर आवश्यकता से अधिक खरीदारी न करें और घरेलू तथा वाहनों की ऊर्जा बचत पर ध्यान दें।
अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर, आपूर्ति निरंतर जारी
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार लगातार आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी कर रही है। नागरिकों को केवल सरकारी स्रोतों से जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि बाजार में उपलब्धता और खुदरा कीमतों में कोई तीव्र परिवर्तन दर्ज नहीं हुआ है।
रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य, बुकिंग और वितरण का आँकड़ा
सरकार ने घरेलू रसोई गैस, पाइप के माध्यम से दी जाने वाली गैस तथा वाहन ईंधन के रूप में प्रयुक्त गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य बताया। पिछले तीन दिनों में छोटे पांच किलोग्राम वाले लगभग एक लाख नब्बे हजार सिलेंडरों की बिक्री हुई जिनमें केवल बुधवार को ही करीब सड़सठ हजार छह सौ सिलेंडर वितरित किए गए। मंत्रालय के अनुसार बीते तीन दिनों में कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ चालीस लाख सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज हुई, जिनमें से करीब एक करोड़ उन सिलेंडरों की ही आपूर्ति उपभोक्ताओं तक पूरी कर दी गई। इससे संकेत मिलता है कि वितरण श्रृंखला व्यवस्थित और सक्रिय बनी हुई है।
पाइप गैस के नए कनेक्शन
पाइप गैस कनेक्शन में तेज़ी, नए कनेक्शन के प्रयोजन पूरा
केंद्र ने बताया कि मार्च से अब तक करीब सात लाख तीन हजार पाइप गैस कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त दो लाख बहत्तर हजार कनेक्शनों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की जा चुकी है, जिससे कुल मिलाकर नौ लाख पचहत्तर हजार कनेक्शनों का आधार बन चुका है। नए पाइप कनेक्शन हेतु अब तक लगभग सात लाख उन्तालीस हजार उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। दूसरी ओर, 13 मई तक 52 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने पोर्टल के माध्यम से अपने रसोई गैस कनेक्शन वापस कर दिए हैं।
गैस एजेंसियों पर कार्रवाई, अनियमितताओं पर रोक
सरकारी तेल कंपनियों ने रसोई गैस एजेंसियों के संचालन की सख्त जाँच तेज कर दी है। बुधवार तक कुल चार सौ एक एजेंसियों पर जुर्माना लगाया गया और छिहत्तर एजेंसियों को निलंबित किया गया। सरकार का कहना है कि आपूर्ति प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने हेतु यह निगरानी निरंतर जारी रहेगी ताकि नागरिकों को निर्बाध सेवा मिलती रहे।
औद्योगिक मांग का भी ध्यान रखा जा रहा है
सरकार ने यह भी बताया कि दवा, रसायन और रंग उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन एक हजार एक सौ बीस मीट्रिक टन रसोई गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था चल रही है। एक मई 2026 से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापट्टनम, चेन्नई, मथुरा और गुजरात की रिफाइनरियों से इन उद्योगों को छह हजार सात सौ मीट्रिक टन से अधिक विशेष गैस मिश्रण और दो हजार आठ सौ मीट्रिक टन से अधिक ब्यूटाइल एक्रिलेट की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आवश्यक उद्योगों का उत्पादन प्रभावित न हो।
शांत रहें और ऊर्जा बचत करें
केंद्र ने आम लोगों से विनम्र आग्रह किया है कि वे अफवाहों में आने के बजाय संयम बरतें और जरूरत से अधिक स्टॉक करने से बचें। साथ ही रोजमर्रा की गतिविधियों में ऊर्जा की बचत अपनाने का आह्वान किया गया है ताकि आपूर्ति व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।