नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने 200 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी और धन शोधन से जुड़े मामले में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायालय ने इस बहुचर्चित प्रकरण के मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल और फ़िल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज समेत अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है। अदालत का यह रुख इस पूरे मामले में नामजद लोगों के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
मकोका और धन शोधन के तहत चलेगी कानूनी कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने केवल धन शोधन कानून तक ही अपनी कार्रवाई को सीमित नहीं रखा। न्यायालय ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका के तहत दर्ज मुकदमे में भी आरोपियों पर शिकंजा कसा है। सुकेश चंद्रशेखर और लीना मारिया पॉल के साथ-साथ इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों पर भी मकोका और धन शोधन, दोनों ही मामलों में समान रूप से आरोप तय किए जाएंगे। इस प्रकार कानूनी घेरा अब इन सभी आरोपियों पर पूरी तरह कस चुका है।
अदिति सिंह की शिकायत पर शुरू हुई पुलिस जांच
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत अदिति सिंह नाम की महिला द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी। इसी शिकायत को आधार बनाकर दिल्ली पुलिस ने अपनी शुरुआती छानबीन शुरू की थी, जिसके बाद इसमें देश की अन्य बड़ी जांच एजेंसियां भी शामिल हो गईं। जांच दलों का स्पष्ट आरोप है कि इस ऊंचे रसूख वाले मामले में करोड़ों रुपये की अवैध उगाही की गई और फिर उस काले धन को ठिकाने लगाने तथा उसके लेन-देन के लिए कई तरह के वित्तीय अपराधों को अंजाम दिया गया।
3 जून को होगी अगली विधिक प्रक्रिया
न्यायालय की इस व्यवस्था के बाद अब यह पूरा मामला एक नए और निर्णायक दौर में पहुंच गया है। अदालत ने इस प्रकरण की अगली तिथि 3 जून तय की है। इस दिन अदालत में उपस्थित होकर सभी आरोपियों को अपने ऊपर लगे आरोपों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर करने होंगे, जिसके बाद इस मुकदमे की अगली कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।