वाराणसी। दो हजार करोड़ रुपये के कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले के भगौड़े मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को भारत लाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली। दुबई में पनाह लिए बैठे इस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने दुबई सरकार को 39 हजार पन्नों का प्रोविजनल (अस्थायी) वारंट सौंपा है। इस वारंट के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रशासन ने शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी पर अपनी सहमति दे दी है।
गोल्डन वीजा के सहारे यूएई में छिपा आरोपी
तस्करी के इस मामले में भारत सरकार पहले ही आरोपी का पासपोर्ट निरस्त कर चुकी है। हालांकि, 10 साल की वैधता वाले दुबई के ‘गोल्डन वीजा’ के आधार पर वह वहां लगातार निवास कर रहा था। अब विदेश मंत्रालय द्वारा भेजे गए विस्तृत दस्तावेज के बाद स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी धरपकड़ के संकेत दे दिए हैं। जैसे ही वहां की पुलिस उसे हिरासत में लेगी, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और उत्तर प्रदेश पुलिस की एक संयुक्त टीम उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत वापस लाएगी।
दुबई पुलिस और इंटरपोल ने बढ़ाई निगरानी
भारत की इस कानूनी पहल के बाद यूएई प्रशासन की ओर से कार्रवाई तेज कर दी गई है। दुबई पुलिस और खुफिया एजेंसियां आरोपी के पासपोर्ट, वीजा विवरण, बैंक खातों और स्थानीय आवासों पर कड़ी नजर रख रही हैं। इसके अतिरिक्त, इंटरपोल ने भी 195 सदस्य देशों और यूएई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के इमिग्रेशन काउंटरों पर रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही सक्रिय कर रखा है, जिससे उसके किसी तीसरे देश में भागने की गुंजाइश समाप्त हो गई है। भारत लाए जाने के बाद उस पर दर्ज मुकदमों में आगे की कानूनी कार्यवाही चलाई जाएगी।