इंदौर। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने इंदौर में विदेशी सोने की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 किलो सोना जब्त किया है। बरामद सोने की कीमत लगभग 4.72 करोड़ रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने डीआरआई अधिकारियों से बचकर निकलने की कोशिश की और कथित तौर पर उन पर हमला भी किया। इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई को विदेशी सोने की तस्करी से जुड़ी सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने शुक्रवार को इंदौर में दो संदिग्धों को रोका। दोनों महाराष्ट्र के अकोला से कार में सवार होकर इंदौर पहुंचे थे। अधिकारियों को आशंका थी कि वे तस्करी के जरिए लाया गया सोना यहां किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने वाले हैं।
कार से अधिकारियों को कुचलने की कोशिश
डीआरआई अधिकारियों ने जब संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने वहां से भागने की कोशिश की। जांच एजेंसी के अनुसार, इस दौरान आरोपियों ने अधिकारियों पर कार चढ़ाने का प्रयास किया। भागने की कोशिश के बीच एक आरोपी ने कथित तौर पर बड़ा पत्थर उठाकर डीआरआई के एक अधिकारी के सिर पर हमला कर दिया।
हमले में 2 अधिकारी घायल हो गए। दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। इसके बाद डीआरआई की टीम ने कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसमें करीब 3 किलो विदेशी मूल का सोना बरामद हुआ। इसी दौरान सोना लेने के लिए पहुंचे एक अन्य व्यक्ति को भी अधिकारियों ने पकड़ लिया। पूछताछ के बाद मामले में कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विदेशी सोने को भारतीय बताने की तैयारी
जांच के दौरान सोने की तस्करी का एक और तरीका सामने आया। डीआरआई के अनुसार, विदेशी मूल की पहचान छिपाने के लिए सोने को पहले पिघलाया गया और फिर उसे दोबारा ईंट के आकार में तैयार किया गया। इसके बाद उस पर भारतीय ब्रांड की नकली पहचान अंकित कर दी गई।
बरामद सोने की 2 ईंटों पर ‘अग्निस’ की नकली मार्किंग मिली है। आशंका है कि इस निशान का इस्तेमाल विदेशी सोने की वास्तविक पहचान छिपाकर उसे भारतीय सोने के रूप में बाजार में खपाने के लिए किया जा रहा था।
कस्टम एक्ट के तहत गिरफ्तारी
डीआरआई ने तीनों आरोपियों को कस्टम एक्ट, 1962 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सोना आखिर कहां से लाया गया था और इंदौर में इसे किस व्यक्ति को सौंपा जाना था। पूछताछ के जरिए तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को यह भी पता लगाना है कि विदेशी सोने को पिघलाकर उस पर नकली भारतीय ब्रांड की पहचान लगाने का काम कहां किया गया और इस प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।
इंदौर में हुई यह कार्रवाई विदेशी सोने की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 4.72 करोड़ रुपए के सोने की बरामदगी के साथ ही अधिकारियों पर हमला किए जाने से मामला और गंभीर हो गया है। डीआरआई अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी की पूरी कड़ी और इसके पीछे सक्रिय लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।