आंगनवाड़ी की नियुक्ति में रिश्वत का खेल, रिश्वत लेते महिला पर्यवेक्षक लोकायुक्त के हत्थे चढ़ी!

खंडवा। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के बीच लोकायुक्त इंदौर इकाई ने एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की संविदा पर्यवेक्षक को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। सहायिका से कार्यकर्ता बनाने के नाम पर यह रकम मांगी गई थी।

इतनी रिश्वत मांगी कि आवेदिका परेशान

मामले के अनुसार, आवेदिका सविता पालवी आंगनवाड़ी केंद्र-1 मोजवारी, तहसील खालवा जिला खंडवा में सहायिका के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता पद के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि सेक्टर सावली की पर्यवेक्षक अजिला मोहे ने पहले सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए 5 हजार रुपये तथा कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए 2 लाख रुपये की मांग की। कुल 2 लाख 5 हजार रुपये की डिमांड से आवेदिका परेशान हो गई।

शिकायत के बाद बिछाया जाल

पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन के दौरान आरोप सही पाए गए। इसके बाद गुरुवार को ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने 5 हजार रुपये की पहली किस्त ली, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। ट्रैप दल में निरीक्षक प्रतिभा तोमर, निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोकायुक्त अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और खुलासे संभव हैं।

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