अन्नामलाई के भाजपा से इस्तीफे से तमिलनाडु की राजनीति में हलचल!

पांच पन्नों का त्यागपत्र सौंपकर दिल्ली में की मुलाकातें, नई राजनीतिक राह की चर्चा तेज

    नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष और तेज तर्रार नेता के अन्नामलाई ने मंगलवार को दिल्ली पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पांच पन्नों का त्यागपत्र सौंप दिया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की।
    वर्ष 2021 में भाजपा से जुड़े अन्नामलाई को जल्द ही तमिलनाडु भाजपा की कमान सौंपी गई थी। हालांकि पिछले वर्ष भाजपा और अन्नाद्रमुक के बीच गठबंधन बनने के बाद उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था। अब चर्चा है कि पूर्व पुलिस अधिकारी अन्नामलाई तमिलनाडु केंद्रित नई राजनीतिक पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे हैं, हालांकि इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
      सूत्रों के अनुसार जब उन्हें पिछले वर्ष संगठन में पीछे किया गया था, तब उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय को स्वीकार कर लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी निष्ठा के कारण वह पार्टी में बने रहे, लेकिन हालिया राजनीतिक परिस्थितियों ने उनके रुख को बदल दिया।

चुनाव नतीजों से निराशा
     तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा का प्रदर्शन भी उनकी निराशा का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पार्टी का मत प्रतिशत मामूली रूप से बढ़ा, लेकिन उसे केवल 1 सीट पर जीत मिली। इस परिणाम ने राज्य में भाजपा की संभावनाओं को लेकर अन्नामलाई की चिंताओं को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि उनके सामने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने के अवसर मौजूद थे, लेकिन उनकी प्राथमिकता तमिलनाडु की राजनीति ही रही।

विजय की सफलता से प्रेरणा
    राज्य की राजनीति में अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली पार्टी की हालिया सफलता को भी अन्नामलाई के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। विजय की अगुवाई में मिली जीत ने लंबे समय से कायम द्रविड़ दलों के वर्चस्व को चुनौती दी है। मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में कहा था कि तमिलनाडु में अब मुकाबला केवल दो दलों के बीच है और बीच में आने वाली किसी भी राजनीतिक ताकत को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अलग राजनीति की तैयारी  
    अन्नामलाई के समर्थकों का कहना है कि 4 जून को वह 42 वर्ष के हो जाएंगे और उनके पास वर्ष 2031 तक खुद को राज्य की राजनीति में मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय है। इसी सोच के साथ वह लंबी राजनीतिक पारी की तैयारी कर रहे हैं। अब सबकी नजर अन्नामलाई की अगली घोषणा पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि वह 3 जून को स्वयं अपने इस्तीफे का सार्वजनिक ऐलान कर सकते हैं। उनके जन्मदिन से पहले तमिलनाडु के कई हिस्सों में ऐसे पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिनमें उन्हें भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

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