खाली हो रही सीटों में से 25 सीटें वर्तमान में विपक्षी दलों के पास!
नई दिल्ली। भारत के निर्वाचन आयोग ने बुधवार को राज्यसभा की रिक्त हो रही 37 सीटों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया। उच्च सदन की इन सीटों के लिए आगामी 16 मार्च को मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी। यह चुनाव राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि खाली हो रही सीटों में से बड़ा हिस्सा वर्तमान में विपक्ष के पास है।

सीटों का समीकरण, एनडीए बनाम विपक्ष इन 37 सीटों के मौजूदा गणित पर नजर डालें तो पलड़ा विपक्ष की ओर झुका नजर आता है। खाली हो रही सीटों में से 25 सीटें वर्तमान में विपक्षी दलों के पास हैं। जबकि, सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के पास इन 37 में से केवल 12 सीटें हैं। राज्यों के लिहाज से देखें तो सबसे अधिक महाराष्ट्र की 7 सीटों पर चुनाव होने हैं। इसके बाद तमिलनाडु (6), पश्चिम बंगाल (5) और बिहार (5) का नंबर आता है। बाकी सीटें अन्य राज्यों से हैं।
दिग्गज नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा
अप्रैल महीने में उच्च सदन से कई बड़े चेहरों की विदाई होने वाली है, जिनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के दिग्गज शामिल हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है।तमिलनाडु से कणिमोझी और तिरुचि शिवा जैसे प्रमुख नाम भी रिटायर हो रहे हैं। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का कार्यकाल भी इसी अवधि में समाप्त हो रहा है।
मतदान प्रक्रिया में खास पेन और कड़ी निगरानी
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान पुराने ढर्रे पर यानी बैलेट पेपर के जरिए ही होगा। लेकिन, इसके नियम काफी सख्त हैं। विधायकों को वोट डालने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही इस्तेमाल करना होगा। किसी भी अन्य पेन या पेंसिल से लगाया गया निशान वोट को अवैध घोषित कर देगा। वोटिंग सुबह 9 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू कर दी जाएगी और नतीजे घोषित होंगे।
जागरूकता अभियान और तैयारी
राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आयोग ने पांच राज्यों (असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल) में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ईवीएम और वीवीपेट को लेकर जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1.20 लाख लोगों ने डेमो कैंप्स में हिस्सा लेकर मतदान प्रक्रिया को समझा है। 1.16 लाख से अधिक लोगों ने मॉक पोल के जरिए वोट डालकर मशीन की कार्यप्रणाली को परखा। मोबाइल डेमो वैन के जरिए अब तक 29 हजार से ज्यादा पोलिंग लोकेशन्स को कवर किया जा चुका है, ताकि मतदाताओं के मन में मशीनों को लेकर कोई संशय न रहे।
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