जबलपुर। MP सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों जबलपुर, भोपाल और इंदौर में शराब के सैंपलों की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। अब तक सैंपलों की जांच अलग-अलग स्थानों पर करानी पड़ती थी, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते थे।
नई प्रयोगशालाएं सीधे आबकारी विभाग के नियंत्रण में संचालित होंगी। इनमें आधुनिक उपकरणों की मदद से शराब की शुद्धता, अल्कोहल प्रतिशत, रासायनिक संरचना और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध, मिलावटी और नकली शराब के निर्माण व बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

जहरीली शराब की घटनाओं के बाद कदम
प्रदेश के कई हिस्सों में जहरीली शराब से हुई मौतों और गंभीर मामलों ने सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। स्थानीय स्तर पर त्वरित जांच सुविधा उपलब्ध होने से न केवल अवैध निर्माण और परिवहन पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि राजस्व संग्रह में भी पारदर्शिता आएगी।
जबलपुर में विशेष प्रावधान
जबलपुर के सहायक आयुक्त संजीव के अनुसार, नई नीति में शहर में आधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने का स्पष्ट प्रावधान है। फिलहाल अधिकांश सैंपल जांच के लिए ग्वालियर भेजे जाते थे या सीमित संसाधनों वाली स्थानीय लैब में परीक्षण कराया जाता था, जिससे प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। नई लैब शुरू होने के बाद जांच प्रक्रिया तेज और अधिक विश्वसनीय होने की उम्मीद है।
ब्रांड प्रचार को भी मिलेगा बढ़ावा
नई आबकारी नीति में प्रदेश में निर्मित शराब ब्रांडों के प्रचार-प्रसार को भी शामिल किया गया है। चयनित स्थानों पर विशेष आयोजन कर ब्रांडों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि उद्योग को प्रोत्साहन मिल सके। विभाग का दावा है कि सख्त गुणवत्ता नियंत्रण और आधुनिक जांच व्यवस्था के जरिए उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और शराब कारोबार में पारदर्शिता आएगी।
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