‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ को रोकने के लिए सुनियोजित माहौल का आरोप!
इंदौर। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चाओं में आईं Monalisa भोंसले और फरमान खान के निकाह का मामला अब कानूनी और सामाजिक पेचीदगियों में फंसता नजर आ रहा। फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ के निर्देशक सनोज मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण को एक नया मोड़ देते हुए दावा किया कि मोनालिसा अभी कानूनन वयस्क नहीं है।
मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लड़की की असली आयु छिपाई गई और विवाह के पंजीकरण के लिए कागजों में हेरफेर की आशंका है। उनके अनुसार, जिस समय मोनालिसा महाकुंभ में दिखाई दी थीं, उनकी आयु लगभग 16 वर्ष के आसपास प्रतीत होती थी, जो कि कानूनी रूप से विवाह की अनिवार्य उम्र से काफी कम है।

महेश्वर में परिजनों से संवाद, मेडिकल जांच की जाए
इस मामले की तह तक जाने के लिए सनोज मिश्रा हाल ही में महेश्वर पहुंचे, जहाँ उन्होंने मोनालिसा के परिवार के सदस्यों से भेंट की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए मोनालिसा का चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल एग्जामिनेशन) कराया जाना चाहिए, जिससे उनकी वास्तविक शारीरिक आयु का वैज्ञानिक प्रमाण मिल सके।
मिश्रा का आरोप है कि फरमान खान और इस प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों ने कानून को ताक पर रखकर यह विवाह संपन्न कराया है, इसलिए उन पर संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
साजिश और ‘केरल स्टोरी’ जैसा घटनाक्रम
निर्देशक ने इस विवाद को अपनी आगामी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से जोड़ते हुए एक बड़ा आरोप यह भी लगाया कि उनकी फिल्म की रिलीज को प्रभावित करने के लिए एक विशेष विचारधारा वाला तंत्र सक्रिय हो गया है। उनका मानना है कि इस विवाह को एक आदर्श प्रेम कहानी के रूप में पेश करना असल में फिल्म के खिलाफ माहौल बनाने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया कि मोनालिसा अपने पिता जयसिंह भोंसले के साथ केरल से महेश्वर की यात्रा पर थीं, लेकिन रास्ते में अचानक स्थितियां बदलीं और पुलिस थाने के हस्तक्षेप के बाद आनन-फानन में एक मंदिर में शादी की रस्में पूरी कर दी गईं।
हस्तियों की मौजूदगी और विवाह प्रमाणपत्र पर सवाल
सनोज मिश्रा ने इस बात पर भी हैरानी जताई है कि इतनी जल्दी विवाह प्रमाणपत्र कैसे जारी हो गया। उन्होंने दावा किया कि इस विवाह के दौरान कुछ रसूखदार राजनीतिक चेहरे और मंत्रियों की उपस्थिति भी देखी गई, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि इस पूरे वाकये को जानबूझकर ‘रियल केरल स्टोरी’ की तरह प्रचारित करने की कोशिश की गई है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर भी इस शादी को लेकर दो फाड़ नजर आ रहे हैं; जहाँ एक पक्ष इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष सनोज मिश्रा के दावों के बाद उम्र और धर्म परिवर्तन के पहलुओं पर प्रशासन से पारदर्शिता की उम्मीद कर रहा है।
घर में मातम, मां बोलीं ‘हमें बेटी वापस चाहिए’
परिवार ने दावा किया कि उनकी बेटी के साथ धोखा हुआ। मोनालिसा ने एक मुस्लिम युवक फरहान खान से शादी कर ली, जिसके बाद घर में शोक जैसा माहौल है। परिजनों का आरोप है कि यह शादी सामान्य परिस्थितियों में नहीं हुई और उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी भी ठीक से नहीं दी गई। उनका कहना है कि उनकी बेटी नाबालिग है और धोखे से उससे शादी की गई।
मोनालिसा के माता-पिता का कहना है कि बेटी से कई दिनों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका दावा है कि शादी के बाद से उसका मोबाइल भी उनके पास नहीं है और उनसे बात नहीं कराई जा रही। परिवार का कहना है कि चार दिन से अधिक समय गुजरने के बावजूद बेटी की कोई खबर नहीं मिलने से चिंता और बढ़ गई। इस कारण परिवार ने राज्य सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी अपील की है कि उनकी बेटी को सुरक्षित घर वापस लाने में मदद की जाए।
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